भाजपा के बहकावे में न आएं, भाईचारा बनाएं
पंचायत में एक और प्रस्ताव भी पास किया गया। वक्ताओं ने कहा कि भाजपा नेता जानबूझ कर माहौल खराब करने के लिए गलत बयानबाजी कर रहे हैं। ये कुछ भी बोलें, हमें इनके बहकावे में नहीं आना है। किसी भी हाल में भाईचारा नहीं बिगड़ना चाहिए। न ही किसान आंदोलन पर असर पड़ना चाहिए।
मंदिर प्रबंधक बोले, गुमराह किया
किलोई के प्राचीन शिव मंदिर के प्रबंधक और पुजारी ने कहा कि उन्हें गुमराह किया गया। उनसे कहा गया था कि भाजपा नेता सिर्फ जलाभिषेक करने आए हैं। लेकिन वह राजनीतिक कार्यक्रम करने लगे, स्क्रीन लगा दी। पंचायत में बताया गया कि मंदिर प्रबंधक ने यह बात मौके पर ही सतीश नांदल के मुंह पर कही थी।
भाजपाई भी पहुंचा पंचायत में
पंचायत में किलोई निवासी भाजपा कार्यकर्ता भी पहुंचा। उसने कहा कि मैं मौके पर तो था, लेकिन भाजपा नेताओं को यहां बुलाने में रुडकी निवासी एक व्यक्ति का हाथ था। उसने सफाई दी कि भाजपा या पूर्वमंत्री के कहने पर गांव वासियों पर पर्चा नहीं हुआ है। तो लोगों ने उसे आड़े हाथों लेते हुए कहा कि वह अपनी जिम्मेदारी ले, पूरी पार्टी की नहीं। भाजपा नेताओं के कहने पर ही पर्चा हुआ है।
एसपी मीणा ने दिया आश्वासन
शाम को हुड्डा खाप के प्रधान ओम प्रकाश हुड्डा की अगुवाई में दस सदस्यीय कमेटी के सदस्य डीसी कैप्ट्न मनोज कुमार से मिलने पहुंचे। उपायुक्त मौजूद नहीं थे तो उन्होंने पुलिस अधीक्षक उदय सिंह मीणा से मुलाकात की। ओम प्रकाश हुड्डा ने बताया कि एसपी मीणा ने उन्हें आश्वासन दिया कि इस मामले में जो केस दर्ज हुआ है उसमें किसी पर भी कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। पुलिस भी गांवों में नहीं जाएगी। अगर कहीं ऐसा होता है तो गांववासी उन्हें सूचित कर सकते हैं।
यह है पूरा प्रकरण
पांच नवंबर को पीएम नरेंद्र मोदी का केदारनाथ से कार्यक्रम लाइव देखने के लिए पूर्वमंत्री मनीष ग्रोवर और जिले की पूरी लीडरशिप किलोई के प्राचीन शिव मंदिर पहुंची। सूचना मिलते ही गांववासी बाहर इकट्ठे हो गए। उनका कहना था कि किसान आंदोलन के बीच भाजपाइयों को गांव में नहीं आना चाहिए था। ग्रोवर माफी मांगें और यह कहें कि आंदोलन तक नहीं आएंगे। दोनों पक्ष अड़े रहे, पुलिस ने घेराबंदी कर ली, भाजपाई अंदर और गांववासी बाहर। तनाव बढ़ा तो कई जिलों की पुलिस, अर्धसैनिक बल बुलाए गए। आखिर शाम पांच बजे के बाद ग्रोवर ने हाथ जोड़े तो सब बाहर निकले। इस मामले में पुलिस ने कई लोगों पर पर्चा दर्ज कर लिया था। अगले दिन भाजपा ने पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा का पुतला फूंका। इस दौरान सांसद डॉ. अरविंद शर्मा ने बयान दिया कि जो ग्रोवर की तरफ आंख दिखाएगा, उसकी आंखें निकाल लेंगे। जो हाथ उठाएगा, उसका हाथ हाट लेंगे। इससे विवाद बढ़ गया। सात नवंबर को मकड़ौली टोल पर किसान संगठनों की बैठक में गुरनाम सिंह चढूनी की मौजूदगी के बीच इसके खिलाफ निंदा प्रस्ताव पास किया गया। 8 नवंबर को चढूनी ग्रुप के जिला प्रधान राजू मकड़ौली ने सांसद शर्मा और अन्यों के खिलाफ पुलिस को शिकायत दे दी।