बढ़ते संक्रमितों की संख्या से कोरोना की तीसरी लहर की आशंका प्रबल हो चली है। तीसरी लहर में ओमिक्रॉन वायरस के ही सक्रिय रहने की संभावना है। इसकी संक्रमण रफ्तार डेल्टा से कई गुणा अधिक है। इसलिए सतर्क रहने के साथ कोविड नियमों का पालन करना जरूरी है। इस वायरस से सामान्य मास्क हमें सुरक्षित रखने में असक्षम है। इसलिए एन-95 या ट्रिपल लेयर मास्क पहनें। हाथों को धोएं व सैनिटाइजर का प्रयोग करें। पीजीआई कोरोना से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। मरीजों को बेहतर उपचार दिया जाएगा। यह कहना है स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. अनीता सक्सेना का। वे मंगलवार को अपने कार्यालय के सभागार में पत्रकारों से बातचीत कर रही थी।
पीजीआई के स्वास्थ्य कर्मचारी महामारी की चपेट में आने लगे हैं। मंगलवार को संस्थान के दो स्वास्थ्य कर्मचारी के संक्रमित होने की पुष्टि की गई है। इन कर्मचारियों को संस्थान में भर्ती कर इलाज शुरू कर दिया गया है।
मंगलवार को जिले में 16 नए कोरोना संक्रमित केस सामने आए हैं। इसके साथ ही अब जिले में सक्रिय मरीजों की संख्या 53 से बढ़ कर 68 पहुंच गई है। संक्रमितों में 16 वर्षीय एक विद्यार्थी, दो चिकित्सक, दो नर्स, महिला कॉलेज प्राचार्य, शिक्षक, अधिवक्ता, गृहिणी, सॉफ्टवेयर इंजीनियर, बीमा कर्मी, रेलवे कर्मी शामिल हैं। ये सभी केस शहरी क्षेत्र से हैं। ग्रामीण क्षेत्र से कोई केस सामने नहीं आया है। शहर के सेक्टर व चिन्योट कॉलोनी में केस ज्यादा मिले हैं।
मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग ने 1912 लोगों के सैंपल लिए। इनमें से 1380 की आरटीपीसीआर व 532 की रैपिड एंटीजन जांच की गई। जबकि 898 को अपनी रिपोर्ट का इंतजार रहा। कोरोना संक्रमण दर 4.20 प्रतिशत व सुधार की दर 97.48 प्रतिशत रही।
जनता को महामारी से सुरक्षित बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग का टीकाकरण अभियान जारी है। इसके तहत जिले में मंगलवार को 14128 लोगों को वैक्सीन लगाई गई। इनमें से 6368 को पहली व 7760 को दूसरी डोज लगाई गई। विभाग अब तक जिले में 1336866 वैक्सीन डोज लगा चुका है।