रोहतक। कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन के चलते बंद हुई पीजीआईएमएस की ओपीडी सोमवार को फिर खुल गई। पहले ही दिन संस्थान की ओपीडी में करीब 5000 मरीजों ने इलाज कराया। जबकि करीब 1500 से ज्यादा को कार्ड नहीं बनने व विभाग का नंबर न लगने पर बैरंग लौटना पड़ा। संस्थान में आई मरीजों की भीड़ में कोविड नियम भी बुरी तरह चरमरा गए। लोग बगैर मास्क पहुंचे और सामाजिक दूरी को भी नजरअंदाज किया।
सोमवार सुबह साढ़े आठ बजे ओपीडी शुरू हुई। यहां 11 बजे तक काउंटरों पर ओपीडी कार्ड बनाए गए। सीमित समय के चलते मरीजों के कार्ड बनवाने को लेकर गहमा-गहमी का माहौल बना रहा। कार्ड बनवाने के लिए ओपीडी के विभिन्न काउंटरों पर मरीजों की खासी भीड़ बनी रही। प्रशासनिक निर्देशों के चलते 11 बजे काउंटर बंद होने पर बड़ी संख्या में मरीजों को बैरंग लौटना पड़ा। इलाज के लिए आए मरीजों की भीड़ के कारण संस्थान में खासी चहल पहल बनी रही। इन्हें चिकित्सकों ने स्वास्थ्य लाभ दिया। जबकि कार्ड न बनने या दूसरे विभाग से आने पर मोहर न लगने पर अनेक लोगों को बैरंग लौटना पड़ा।
नए के साथ 3000 से ज्यादा पुराने मरीज भी आए
सोमवार को 1779 नए मरीजों ने ओपीडी कार्ड बनवाए। इसके अलावा करीब 3000 से ज्यादा पुराने मरीज भी इलाज के लिए पहुंचे। इलाज के लिए कार्ड बनाने वाले मरीजों को दोपहर एक बजे बाद तक भी देखा गया। ऐसे कुछ ही विभाग रहे। इनमें हड्डी रोग व मेडिसन विभाग मुख्य हैं। ओपीडी समाप्त होने के बाद मरीजों ने आपात विभाग का रुख किया। इस कारण यहां भी काफी भीड़ रही। दिन भर में यहां भी करीब 800 से ज्यादा मरीज इलाज कराने पहुंचे।
सर्जरी के लिए खुले संस्थान के ऑपरेशन थियेटर
ओपीडी के साथ संस्थान ने मरीजों के लिए ऑपरेशन थियेटर भी खोल दिए हैं। संस्थान के विभिन्न विभागों के चिकित्सकों ने अपने मरीजों को वार्ड में भर्ती करते हुए ऑपरेशन से पहले जरूरी जांच कराने की सलाह दी। इसके बाद मरीज अपनी जांच रिपोर्ट पूरी करने में व्यस्त हो गए। इधर, ऑपरेशन थियेटर में भी औजारों व उपकरणों को तैयार कर लिया गया है।
वर्जन:
मरीजों की सुविधा को देखते हुए संस्थान की ओपीडी खोल दी गई हैं। कोरोना संक्रमण का खतरा बना हुआ है। ऐसे में अब और ज्यादा सावधानी व सतर्कता बरतने की जरूरत है। मरीज भी कोविड नियमों का पालन करते हुए मास्क लगाएं व सामाजिक दूरी बनाए रखें। संस्थान में गैर जरूरी भीड़ न करें। जरूरी होने पर ही अस्पताल आएं। फिलहाल पूरी तरह से अस्पताल शुरू नहीं हुआ है। हालात सामान्य होने तक 11 बजे तक ही ओपीडी कार्ड बनाने की व्यवस्था की गई है।
- डॉ. ईश्वर सिंह, चिकित्सा अधीक्षक, पीजीआईएमएस।
लोग बोले- नहीं मिला इलाज
जबड़े में कुछ दिनों से तकलीफ है। ओपीडी खुलने पर इलाज के लिए दंत विभाग गई थी। भीड़ से बचने के लिए सुबह नौ बजे संस्थान पहुंच गई थी। यहां से जांच के बाद ओपीडी में मेडिसन विभाग जाने के लिए कहा गया। यहां पहुंची तो मरीजों की लंबी कतार लगी थी। काफी इंतजार के बाद भी कार्ड पर विभाग की मोहर व नंबर नहीं लग पाया। इस कारण इलाज नहीं मिल पाया। अब दोबारा आना पड़ेगा।
- सरलीन, पानीपत।
अपने बच्चे को दिखाना था। उसकी तबीयत खराब है। इलाज के लिए सुबह दस बजे पीजीआई पहुंची। यहां कार्ड बनवाने के लिए लंबी लाइन लगी थी। यहां खड़े-खड़े ही 11 बजे गए। इसके बाद कर्मचारियों ने कार्ड बनाना बंद कर दिया। पूछने पर पता लगा कि इतने समय की ही मंजूरी है। बगैर कार्ड डॉक्टर नहीं देखेंगे। इस कारण बगैर इलाज ही लौटना पड़ रहा है। अब मंगलवार को समय से आना पड़ेगा।
- वंदना, न्यू चिन्यौट कॉलोनी।
सीने में कुछ दिनों से तकलीफ है। सामान्य अस्पताल में राहत नहीं मिली तो पीजीआई में दिखाने आया। इसके लिए सुबह घर से आठ बजे निकला था। रास्ते में जाम व परिवहन साधन समय पर नहीं मिलने से 10 बजे पीजीआई की ओपीडी पहुंचा। यहां कार्ड बनवाने के लिए लाइन में खड़े रह कर इंतजार भी किया, मगर 11 बजे बाद कार्ड ही नहीं बने। इसलिए अब दोबारा आना होगा, तभी राहत मिलेगी।
- सुमेश, कलानौर।
मशक्कत करते रहे सुरक्षा कर्मी
पीजीआईएमएस की ओपीडी में भीड़ को रोकने के लिए सुरक्षा कर्मियों को मशक्कत करनी पड़ी। भीड़ ने सुरक्षा कर्मियों की एक भी न सुनी और पिछले दिनों ओपीडी बंद रहने का हवाला दिया। मरीजों ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि वह बीमारी की हालत में कहा जाए। संस्थान को गेट पर मास्क और सैनिटाइजर उपलब्ध कराना चाहिए। यदि किसी के पास मास्क नहीं है तो उसे निशुल्क उपलब्ध कराया जाना चाहिए। गौरतलब है कि ओपीडी में भीड़ के बीच सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखने के लिए 50 से अधिक सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की गई है।