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एक फोन... पार्षद मौन.... निर्विघ्न चली हाउस की बैठक

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सदन शुरू होते ही मेयर से सदन की अवमानना के मामले में पार्षदों के सवाल पूछने पर पब्लिक हेल्थ के अधी
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आखिरकार भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर की एक फोन कॉल से निगम हाउस की बैठक निर्विघ्न हो गई। एक साल से हंगामे की वजह से सदन की बैठक आहूत नहीं हो पा रही थी। बुधवार को हुए सदन में ओमैक्स सिटी में कब्जाई गई जमीन मुक्त कराने और प्रॉपर्टी टैक्स वसूली के बाद ही हस्तांतरण के लिए कंसलटेंट नियुक्त करने का फैसला हुआ। बोहर में कब्जाई 30 किले जमीन लेने के निगमायुक्त ने आदेश दिए। पार्षदों को भरोसा दिया कि अब एक भी दिन बर्बाद नहीं होगा।
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बुधवार को पार्षदों के पास एक कॉल आई, जिससे अधिकांश का रुख बदल गया। संयुक्त नगर आयुक्त सुरेश कुमार एजेंडा पढ़ते गए और चंद पार्षद इक्का-दुक्का सवाल पूछकर एजेंडा पास करते रहे। ओमैक्स सिटी के सेक्टर 26 व 28 को निगम में हस्तांतरित करने के प्रस्ताव पर मेयर ने कहा कि ओमैक्स ने निगम की जमीन दबा रखी है, जिसे पहले कब्जे में लें। अभी तक प्रॉपर्टी टैक्स भी जमा नहीं किया है, जो जमा कराएं। इसके बाद हस्तांतरित करने के लिए कंसलटेंट नियुक्त होगा। कंसलटेंट नियुक्त होने पर न जमीन निगम ले सकेगा और न प्रॉपर्टी टैक्स। जिंदल फाउंडेशन के दो पार्कों के सुंदरीकरण और एपीसीपीएल झाड़ली का ट्री-गार्ड, बेंच, कूड़ेदान आदि लगाने के समझौते का प्रस्ताव पास हुआ। पार्षद जयभगवान ने बताया कि बोहर में पांच-पांच करोड़ की करीब 30 किले जमीन है। अधिकारियों की ढिलाई की वजह से जमनीन पर कब्जा हो रहा है। कई बार जमीन को बचाने के लिए आवाज उठाई है।
नगर आयुक्त डॉ. नरहरि बांगड़ ने तुरंत संयुक्त आयुक्त को आदेश दिए कि पुलिस फोर्स व मजिस्ट्रेट के साथ जमीन को जल्द कब्जा मुक्त कराएं। नोटिस देने की कार्रवाई शुरू करें। उन्होंने भरोसा दिया कि आज से एक भी दिन जमीन कब्जा मुक्त कराने की दिशा में बर्बाद नहीं जाएगा। सभी वार्डों में जीटी पर लगी लोहे की जाली की जगह पत्थर या सीमेंट का ढक्कन लगाने, शहर में सुरक्षा के लिए 180 सीसीटीवी लगाने का सर्वसम्मति से फैसला हुआ।
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नहीं पास हुआ सड़क पर पार्किंग ठेका का प्रस्ताव
मुख्य बाजारों की सड़कों पर सफेद लाइन में वाहन खड़ा करने के लिए पार्किंग का ठेका देने का प्रस्ताव सदन में सर्वसम्मति से निरस्त हो गया।
वार्ड पार्षद को बिना बुलाए किया हवन पूजन
सुनारिया कलां में सामाजिक संस्था द्वारा गोशाला बनाने के प्रस्ताव पर पार्षद संतोष देवी ने बताया कि मेरे वार्ड में भूमि पूजन है और मुझे जानकारी तक नहीं दी गई। संयुक्त आयुक्त ने कहा कि सभी को भेजा था, जिस पर पार्षद ने कहा, मेरे पास मैसेज भी नहीं आया। इस जमीन पर गोशाला का प्रस्ताव है, उस पर कोर्ट से स्टे है। संयुक्त आयुक्त बोले- कोई स्टे नहीं है। मेयर ने कहा कि पार्षद को नहीं बुलाने की गलती हुई, जो अब नहीं होनी चाहिए।
खोद डाला शहर और निगम को पता नहीं
टेलीफोन, इंटरनेट लाइन व गैस लाइन के लिए खोदाई की जा रही है, तो कहीं खंभे गाड़े जा रहे हैं। इसकी निगम जानकारी नहीं है। सदन में मुद्दा उठा तो अफसरों ने ऐसी कोई अनुमति देने से इनकार किया। तब मेयर ने कहा कि विगत वर्ष एक कंपनी ने खंभे लगाए थे। कंपनी से निगम को 500 रुपये प्रति खंभे के हिसाब से किराया वसूलना है, जिसका ब्योरा दिया जाए। इस पर अधिकारी कोई जवाब नहीं दे पाए।
मेयर बोले-मार्च 2023 तक ही करवा दो काम
पार्षद राहुल देशवाल ने कहा कि उनके वार्ड की सड़कें और गलियां खोदी हुई हैं। तीन साल हो गए मगर रास्ते नहीं बने हैं। चाहें तो अधिकारी देख लें। कार्यदायी संस्था की राशि जब्त करके सड़क बनाई जाए। अधिशासी अभियंता मनजीत दहिया ने कहा कि 31 मार्च तक काम करवा देंगे। तब मेयर ने कहा कि जितना काम होना है, उतना 31 मार्च 2023 तक ही करवा दो, यही बहुत होगा।
अतिरिक्त कर्मियों की नियुक्त का एजेंडा निरस्त
निगम ने अतिरिक्त कर्मियों की नियुक्ति का प्रस्ताव सदन में रखा, जिसका पार्षद कदम सिंह अहलावत, पार्षद राजेश सैनी ने विरोध किया। उन्होंने कहा कि सरकार ठेका प्रथा खत्म करके कौशल विकास निगम में नियुक्ति कर रही है। बेहतर होगा कि ठेका राशि से कर्मियों की नियुक्ति हो। इस पर पार्षदों ने कहा कि निगम में जितने कर्मी हैं, उनसे ही काम कराया जाए।
छह वार्डों में सफाई ठेके पर कराने के प्रस्ताव पर बंटे पार्षद
छह वार्डों की सफाई का काम ठेका पर कराने के एजेंडा पर पार्षद बंटे दिखे। विरोध करने वाले पार्षदों ने कहा कि किन-किन वार्डों में सफाई का ठेका देना है, यह एजेंडा में नहीं है। कितने कर्मियों को लगाया है, यह भी नहीं बताया है। इस डिप्टी मेयर ने कहा कि जरूरत के हिसाब से तय किया जाएगा। जब तक विरोध करने वाले पार्षद कुछ कहते, तब तक प्रस्ताव को पास कर दिया गया।
भ्रष्टाचार व जेब भरने का जरिया है कम्यूनिटी सेंटर
निगम के कम्यूनिटी सेंटर का संचालन ठेके पर कराने के प्रस्ताव को सिरे से पार्षदों ने खारिज कर दिया। पार्षद कंचन खुराना और श्याम ढल ने कहा कि ये भ्रष्टाचारी व जेब भरने के जरिया है। कम्यूनिटी सेंटर का एक साल का लेखाजोखा सदन में रखा जाए। ठेका पर कम्यूनिटी सेंटर देने से किराया बढ़ेगा। मेयर ने कहा कि किराया निगम तय करेगा। पार्षद बोले, हलवाई व सजावट का काम ठेकेदार अपने लोगों को महंगे दाम पर देगा तो इसका असर गरीबों पर पड़ेगा, जिसके चलते यह प्रस्ताव निरस्त कर दिया गया।
सिंचाई विभाग देना एनओसी, निगम बनाएगा रास्ता
तिलियार लिंक ड्रेन को बॉक्स टाइप लिंक ड्रेन बनाने के मसले पर सदन में तय हुआ कि सिंचाई विभाग एनओसी देने के साथ ही अवैध कब्जों को हटवाएगा। लिंक ड्रेन शहरी क्षेत्र में आने की वजह से निगम बॉक्स टाइप ड्रेन बनाकर सुंदरीकरण करेगा। इससे लोगों का आवागमन सुगम हो सकेगा।
डेयरी कॉम्पलेक्स में 14 रुपये प्रति यूनिट मिल रही बिजली
नगर निगम लगातार डेयरी शिफ्टिंग का दबाव बना रहा है। सदन में खुलासा हुआ कि बिजली निगम डेयरी कॉम्पलेक्स में शिफ्ट हुए संचालकों को 14 रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से बिजली दे रहा है। इस पर बिजली निगम के कार्यकारी अभियंता मेहताब सिंह ने बताया कि अस्थायी कनेक्शन लेने की वजह से महंगे दामों पर बिजली आपूर्ति हो रही है। स्थायी कनेक्शन के लिए ढांचा तैयार करना होगा, जिसके लिए निगम को 1.70 करोड़ रुपये जमा कराने होंगे। पूरा एस्टीमेट निगम को दिया जा चुका है। बिना राशि जमा हुए बिजली दरों से राहत नहीं मिल सकती है।
छत पर भी मिल सकती हैं दुकानें
एलिवेटेड रेलवे ट्रैक के बराबर 15 फुट चौड़े और 1750 मीटर लंबे सर्विस रोड की जद में आ रहे विस्थापितों के लिए निगम को 29.66 करोड़ का प्रदेश सरकार ने ऋण दिया है। इस राशि को अनुदान में बदलने के प्रस्ताव पर पार्षदों ने कहा कि निगम को 29.66 करोड़ रुपये मिल जाएंगे मगर दुकानदारों को कुछ नहीं मिलेगा। वह अपनी दुकान की छत पर स्वामित्व का अधिकार खो रहे हैं। प्रस्ताव पारित करने पर निगम को दुकानदारों को छत पर दुकान लेने का अधिकार देना होगा।
जाट व आईसी कॉलेज के पास बनेंगे फुटओवर ब्रिज
नगर निगम जाट कॉलेज और आईसी कॉलेज के पास फुटओवर ब्रिज बनवाएगा। दोनों का प्रस्ताव सदन में पारित होने के बाद बताया गया कि डेढ़ करोड़ की लागत से इनका निर्माण होगा। जल्द ही निगम टेंडर प्रक्रिया शुरू कर देगा।
पार्षद पति को भगाने पर डीएमसी ने मानी गलती
पार्षद सुमन ने एजेंडा रखा कि उनके पति सुरेश कुमार सारा कामकाज देखते हैं। विगत दिनों डीएमसी हरदीप ने उन्हें अभद्रता करते हुए अपने कार्यालय से भगा दिया था। इस मामले को सदन ने गंभीरता से लिया। सदन में मौजूद डीएमसी ने अपनी गलती स्वीकार की, तब मामला शांत हुआ।
बिल्डिंग ब्रांच के पक्ष में दिखा निगम प्रशासन
पार्षद सुनील ने कहा कि एक प्रॉपर्टी आईडी से नक्शा व रिपोर्ट नहीं निकाली जा सकती है। एक साल से निगम प्रशासन आरटीआई की रिपोर्ट भी नहीं दे रहा है। इस पर निगम प्रशासन बिल्डिंग ब्रांच के पक्ष में नजर आया और कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला।
वर्जन
एक फरवरी 2021 से एक फरवरी 2022 तक एक साल हो गया, मगर निगम सदन की बैठक नहीं हुई। अरे, जब सदन नहीं होगा तो शहर में विकास कार्य कैसे होंगे। निगम का सदन चलना चाहिए, ताकि जनता की समस्याओं का निदान हो और विकास कार्य हों। सदन में भाजपा का पूर्ण बहुमत है, ऐसे में विकास कार्य रफ्तार से होने चाहिए। मैंने मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर और पार्षदों से कहा है कि हर तीन माह में सदन की बैठक होनी चाहिए, ताकि विकास कार्य रफ्तार से होते रहे।
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- मनीष ग्रोवर, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री
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