कोच मंदीप के साथ पहलवान रीतिका हुड्डा।
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पेरिस ओलंपिक के लिए पहलवान रीतिका कोच व फिजियोथेरेपिस्ट के साथ 4 अगस्त को रवाना होंगी। खेल मंत्रालय ने इसकी अनुमति दे दी है, इसके लिए रीतिका पिछले दो माह से प्रयासरत थीं। देश से पहली बार कोई महिला पहलवान ओलंपिक के हैवीवेट (76) भार वर्ग में हिस्सा ले रही है।
मूलरूप से खरकड़ा वर्तमान में अस्थल बोहर निवासी रीतिका के पिता जगबीर सिंह ने बताया कि भारतीय ओलंपिक संघ ने निजी कोच व फिजियोथेरेपिस्ट को साथ ले जाने की रीतिका को मंजूरी दे दी है। उसने मई व जून में ईमेल के जरिये इसके लिए अनुमति मांगी थी। संघ की ओर से कहा गया कि किसी के निजी कोच नहीं जा रहे हैं।
खेल मंत्रालय से जारी सूची में पांच पहलवानों के कोच के अलावा उनका सहायक स्टाफ भी पेरिस जा रहा है, लेकिन इस सूची में रीतिका का नाम नहीं था। रीतिका ने फिर संघ से कोच मंदीप के अलावा फिजियो को भी साथ ले जाने की बात रखी। संघ की ओर से जवाब आया कि तकनीकी गड़बड़ी के कारण फाइल आगे नही पहुंच पाई और आश्वासन दिया की जल्द खेल मंत्रालय से मंजूरी मिल जाएगी।
पेरिस ओलंपिक के लिए रीतिका छोटूराम अखाड़े में ही कोच मंदीप की देखरेख में अभ्यास कर रही हैं। अपने बेहतर प्रदर्शन के लिए ही इस खिलाड़ी ने निजी कोच व फिजियो की मांग रखी थी, अब इसकी मंजूरी खेल मंत्रालय ने दे दी है।
मंदीप के पास है ओलंपिक में कोचिंग का अनुभव
कोच मंदीप लगभग 15 साल से छोटूराम अखाड़े में पहलवानों को अभ्यास करा रहे हैं। कोच 50 से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय पदक विजेताओं को कुश्ती के दांवपेच सिखा चुके हैं। 2016 रियो ओलंपिक की कांस्य पदक विजेता साक्षी मलिक भी इनके पास अभ्यास कर चुकी हैं। कोच के पास अंतरराष्ट्रीय स्तर का अनुभव है। रीतिका पेरिस ओलंपिक में पदक जीतने वाले प्रबल दावेदारों में से एक है। ऐसे में यह अनुभव उसके काम आ सकता है।