केंद्र सरकार के प्रोजेक्टों में शामिल थर्मल पावर प्लांटों में कोयले की कमी बनी हुई है। इसके बावजूद जिले में बिजली आपूर्ति में कोई बाधा नहीं है। इसका मुख्य कारण केंद्र के तीन बड़े बिजली प्रोजेक्टों में हरियाणा का भी हिस्सा है। साथ ही राज्य की ओर से निजी कंपनियों से स्थायी रूप से बिजली भी खरीदी जाती है। जहां राज्य खुद भी बिजली का उत्पादन करता है, वहीं सोनीपत के थर्मल पावर प्लांट को धीरे-धीरे सौर ऊर्जा में परिवर्तित किया जा रहा है। जरूरत पर बिजली की खरीद बढ़ा दी जाती है। उक्त बातें बिजली निगम के अधीक्षण अभियंता (एसई) एके यादव ने कहीं हैं।
उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार के प्रोजेक्ट भाखड़ा व्यास मैनेजमेंट बोर्ड, एनटीपीसी प्लांट में उत्पन्न होने वाली बिजली में हरियाणा का हिस्सा है। प्रदेश में पावर पर्चेज कमेटी है, जिसने कई बड़ी निजी कंपनियों से बिजली खरीद का स्थायी समझौता कर रखा है। इससे उत्पादन कम होने से आपूर्ति पर कोई खास असर नहीं है। वर्तमान में बिजली को लेकर ऐसी कोई स्थिति नहीं है कि कट लगाने की जरूरत पड़े। मांग के अनुरूप बिजली की आपूर्ति की जा रही है।