शिक्षा विभाग के कार्यालय में दृष्टिहीनों के लिए लगाई गई पीली पट्टी। अमर उजाला
सरकारी भवनों में आने वाले दृष्टिहीन इधर-उधर न भटकें, इसके लिए उनकी सहायक यहां लगाई गई पीली पट्टी बनेगी। इस पट्टी पर दो तरह के चिह्न हैं, इसमें एक गोलाकार है तो दूसरा आयताकार है। आयताकार का अर्थ है कि आगे रास्ता है व गोलाकार का अर्थ है कि यहां किसी विभाग का प्रवेश द्वार है। इसके साथ ही विभिन्न विभागों के बाहर पांच फुट की ऊंचाई पर संबंधित विभाग की नेम प्लेट लगी है। इस पर हिंदी व ब्रेल लिपि में विभाग का नाम लिखा है।
दृष्टिहीन लोगों की मदद के लिए सरकार के निर्देशानुसार सरकारी भवनों में पथ दिखाने के लिए पीली पट्टी व कमरा किस अधिकारी का है बताने के लिए ब्रेल लिपि की नंबर प्लेट लगेगी। लघु सचिवालय, तहसील, सर्किट हाउस, पीडब्ल्यूडी ऑफिस आदि कई विभागों को इसके लिए चिह्नित किया गया है और कई स्थानों पर इन्हें लगा भी दिया गया है। ऐसे में दृष्टिहीन व्यक्ति अपनी सहायता स्वयं कर पाएंगे और उन्हें किसी की मदद की जरूरत नहीं होगी। गौरतलब है कि दुनिया में बहुत सारे ऐसे लोग होते हैं जो देख नहीं पाते। इन्हें अपने कार्यों के लिए सरकारी कार्यालय जाना पड़ता है। इस दौरान कुछ लोग इनकी मदद करते हैं तो कुछ नहीं करते। अब इन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए एक प्रयास किया जा रहा है।
तहसील कलानौर में पट्टी बिछने का काम हो गया है। रोहतक व महम में कार्य जारी है। इस सप्ताह शहर के लघु सचिवालय में पट्टी बिछा दी गई है व अन्य जगहों पर बिछा दी जाएगी। जो भवन पीडब्ल्यूडी बीएंडआर के अंतर्गत आते हैं, वहां यह काम होगा। इससे दृष्टिहीन व्यक्ति पट्टी का अनुसरण कर रास्ता ढूंढ पाएंगे। इन्हें दया की नहीं सहयोग की आवश्यकता है।
- उदयवीर झांझरिया, कार्यकारी अभियंता, पीडब्ल्यूडी बीएंडआर