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Rohtak: राज्यस्तरीय समारोह में सांसद अरविंद शर्मा हुए उपेक्षा के शिकार, मंच पर नहीं रखी कुर्सी, प्रेस दीर्घा में बैठे

Sun, 12 Jun 2022 02:38 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रोहतक (हरियाणा)

सार

 इसपर सांसद बोले कि यदि आवाज उठाने पर ऐसा हुआ है, तो मैं बार-बार आवाज उठाता रहूंगा। सांसद अरविंद चार सांसद, पांच मंत्री, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष व मुख्यमंत्री के संबोधन सुनते रहे। उन्होंने कहा कि सरकार को सद्बुद्धि आए ताकि पहरावर की जमीन समाज को मिले।
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रोहतक में मीडिया गैलरी में बैठे सांसद डॉ.अरविंद शर्मा। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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हरियाणा के रोहतक में नई अनाज मंडी में रविवार को आयोजित राज्यस्तरीय कबीर दास जयंती समारोह में रोहतक के भाजपा सांसद डॉ. अरविंद शर्मा उपेक्षा के शिकार हुए। मंच पर उनके लिए कुर्सी नहीं रखी गई, जिस पर वह प्रेस दीर्घा में बैठे रहे। यही नहीं, वह मंच पर बैठे एक लोकसभा सांसद, तीन राज्यसभा सांसद, पांच प्रदेश मंत्री, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष का संबोधन सुनते रहे। सांसद ने आरोप लगाया कि बतौर सांसद मुझे निमंत्रण नहीं मिला। यदि 36 बिरादरी की आवाज उठाने पर ऐसा हुआ है, तो मैं बार-बार उठाऊंगा। 

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प्रेसवार्ता करते हुए सांसद डॉ. अरविंद शर्मा ने कहा कि मुझे सांसद होने के नाते कोई निमंत्रण नहीं मिला। मैं कबीरपंथी होने की वजह से कार्यक्रम में आया हूं। संतों के प्रोग्राम में निमंत्रण की जरूरत नहीं होती। बतौर सांसद मुझे कोई निमंत्रण नहीं मिला। उन्होंने बताया कि मंच पर गया तो वहां रखी कुर्सियों पर नाम लिखे थे, जिसमें मेरी कुर्सी नहीं थी।

 

आरोप लगाया कि उन्होंने मेरी कुर्सी लगवाना उचित नहीं समझा। यह देखने के बाद मैं मंच पर बैठे लोगों से मुलाकात करके उतर आया। कार्यक्रम में मौजूद 36 बिरादरी के लोगों से मिला। उनको पता है कि रोहतक के कार्यक्रम में बतौर सांसद कार्यक्रम में किसकी मौजूदगी होनी चाहिए। मेरे लिए मंच पर कुर्सी क्यों नहीं थी, यह मुख्यमंत्री बताएंगे कि उनके मन में क्या है? 
 

मुख्यमंत्री का विरोध करने से उपेक्षित सांसद ने कहा कि मैंने तो पहरावर की जमीन के बारे में अपनी बात रखी थी कि 15 एकड़ व तीन कैनाल जमीन समाज को दी जाए। यदि आवाज उठाने पर ऐसा हुआ है, तो मैं बार-बार आवाज उठाऊंगा। जमीन का फैसला करने में सरकार क्यों देरी कर रही है।

 

एक सवाल पर उन्होंने कहा कि उनको घमंड की बात नहीं करनी चाहिए। जो व्यक्ति घमंड से बात करता है, उसमें इंसानियत नहीं है। उपेक्षा की शिकायत आला कमान से करने के सवाल पर सांसद ने कहा कि निमंत्रण देने की बात खास नहीं। उन्हें बड़प्पन दिखाना चाहिए। इज्जत व प्यार दिल से होता है मांगने से नहीं मिलता। उम्मीद है कि सरकार को सद्बुद्धि आएगी और पहरावर गांव की जमीन देगी।

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मंच पर ये लोग प्रमुख रूप से रहे मौजूद 
भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष ओमप्रकाश धनखड़, उपाध्यक्ष मनीष ग्रोवर, कृषि मंत्री जेपी दलाल, सहकारिता मंत्री डॉ. बनवारी लाल, स्थानीय शहरी निकाय मंत्री डॉ. कमल गुप्ता, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री ओम प्रकाश यादव, श्रम व रोजगार राज्य मंत्री अनूप धानक, लोकसभा सांसद सुनीता दुग्गल, राज्य सभा सांसद जरनल डीपी वत्स, राज्यसभा सांसद रामचंद्र जांगड़ा, नवनिर्वाचित राज्यसभा सांसद कृष्ण लाल पंवार, मेयर मनमोहन गोयल आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे।
 

सांसद को मंच पर जगह न देने से भड़के जयहिंद
कबीर दास जयंती के राज्यस्तरीय समारोह में मुख्यमंत्री मनोहर लाल की उपस्थिति में सांसद डॉ. अरविंद शर्मा को मंच पर जगह न देने पर नवीन जयहिंद ने रोष जताया है। मुख्यमंत्री ने इस समारोह में बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। 

आप के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री ने मंच से कबीरदास का दोहा दोहराते हुए कहा कि न काहू से दोस्ती न काहू से बैर। लेकिन रोहतक के लोकसभा सांसद को मंच पर जगह न देकर ब्राह्मणों से द्वेष की भावना दर्शाई है। अपनी ही पार्टी के सांसद से ऐसे व्यवहार से साफ है कि पार्टी में मतभेद है। एक छत के नीचे होकर मुख्यमंत्री व भाजपा सांसद साथ की बजाय आमने सामने दिखे। जयहिंद ने कहा कि जनता के सवालों से बचते मुख्यमंत्री मीडिया से भी मुखातिब नहीं हुए। इसे सांसद की बजाय सर्व समाज का अपमान बताते हुए जयहिंद ने कहा कि अब डॉ. अरविंद शर्मा को सांसद पद से इस्तीफा देकर फरसा उठा लेना चाहिए।

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