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योग थेरेपी से होगा मानसिक रोगियों का उपचार

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मानसिक रोगियों के लिए राहत भरी खबर है। ऐसे रोगियों को अब दवा व काउंसिलिंग के साथ योग थेरेपी भी मिलेगी। इसके लिए स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के मानसिक स्वास्थ्य संस्थान (आईएमएच- इंस्टीट्यूट ऑफ मेंटल हेल्थ) इंटिग्रेटेड योग सेंटर शुरू करने जा रहा है। आईएमएच भवन में 8 अक्तूबर को शुरू होने वाले इस केंद्र में शोध कार्य भी किया जाएगा। इसमें योग के मानसिक रोग के इलाज में योगदान को आंका जाएगा।
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दरअसल, आईएमएच के निदेशक कम सीईओ डॉ. राजीव गुप्ता ने एक प्रपोजल तैयार कर स्वास्थ्य विज्ञान विवि की कुलपति डॉ. जी अनुपमा को भेजा है। इसमें संस्थान में इंटिग्रेटेड योग सेंटर शुरू करने की बात कही गई है। इस संबंध में निमहांस (एनआईएमएचएएनएस) के साथ ऑनलाइन बैठक भी हो गई है। बैठक के बाद एक प्रपोजल अधिकारियों को भेजा जा चुका है। सेंटर की कागजी प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। इसे 8 अक्तूबर को शुरू किया जा रहा है। यहां बीमारी के हिसाब से योग क्रिया व उसके प्रभाव को आंका जाएगा। यह शोध कार्य का अहम हिस्सा रहेगा। इससे आने वाले समय में मानसिक रोगों के इलाज में योग का महत्व भी अध्ययन के साथ समझा जा सकेगा।
यूं रहेगा योग सेंटर का ढांचा
योग सेंटर का चेयरमैन मेंटल हेल्थ इंस्टीट्यूट का निदेशक रहेगा। मनोरोग विभाग की फैकल्टी से इसका एक निदेशक होगा। इसके अलावा एक-एक सीनियर रेजिडेंट, सीनियर साइंटिफिक ऑफिसर, योग थेरेपिस्ट, साइकेट्रिक सोशल वर्कर, क्लर्क, जनरल ड्यूटी अटेंडर रहेगा। इन पदों पर भी जल्दी ही भर्ती प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है।
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निमहांस देगा स्टाफ को प्रशिक्षण
निमहांस मनोरोग विभाग के चिकित्सकों को प्रशिक्षण देगा। फिलहाल विभाग के चिकित्सक मरीजों को योग थेरेपी देंगे। इसके लिए उन्हें तकनीकी जानकारी व अन्य जरूरी बातों से अवगत कराया जाएगा।
संस्थान में इंटिग्रेटेड योग सेंटर शुरू किया जा रहा है। इसका शुभारंभ 8 अक्तूबर को कुलपति डॉ. जी अनुपमा करेंगी। यहां मानसिक रोगियों को योग थेरेपी दी जाएगी। योग से उनका उपचार करने के साथ शोध पर भी ध्यान दिया जाएगा।
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- डॉ. राजीव गुप्ता, निदेशक एवं सीईओ, आईएमएच
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