एमडीयू में नए सत्र की खेल स्पर्धाओं में पदक जीतने के लिए खिलाड़ियों ने पसीना बहाना शुरू कर दिया है। विवि परिसर में एक दिसंबर को क्रॉस कंट्री दौड़ से खेल मुकाबलों का आगाज होना है। इसके चलते ठंड के बावजूद धावक मैदान पर कड़ा अभ्यास करने में व्यस्त हैं। कोरोना के दो साल बाद एमडीयू के खेल मैदानों पर फिर रौनक लौट आई है। यहां विश्वविद्यालय व अंतर विश्वविद्यालय स्तर पर होने वाली खेल स्पर्धाओं की तैयारी जोर शोर से शुरू हो गई है। खेल बोर्ड की ओर से वार्षिक खेल कैलेंडर तैयार करने के बाद इस ओर प्रयास में तेजी आ गई है। स्पर्धाओं में पदक हासिल करने के लिए विवि के खिलाड़ियों ने भी अभ्यास शुरू कर दिया है। यही वजह है कि ठंड के बावजूद खिलाड़ी कड़े अभ्यास में जुटे हुए हैं।
कॉलेजों से भी नाम लिखवाने लगे विद्यार्थी
खेल स्पर्धाओं को लेकर कॉलेजों में भी हलचल शुरू हो गई है। यहां विद्यार्थी शारीरिक शिक्षा विभाग में जाकर अपने पसंदीदा खेलों में नाम लिखवाने लगे हैं। कोई समय तो कोई आवेदन संबंधी जानकारी लेने पहुंच रहा है। आवेदन के साथ जमा कराने वाले जरूरी दस्तावेज के अलावा अन्य जरूरी जानकारी विद्यार्थियों को दी जा रही है।
खेल स्पर्धाओं का शुभारंभ क्रॉस कंट्री दौड़ से होने वाला है। इसके बाद करीब दो दिन बाद ही एथलेटिक्स के मुकाबले होने हैं। ऐसे में मैदान पर अपना हुनर निखारने में जुटे धावकों का जोश साफ नजर आता है। इसमें 100 मीटर से 5000 मीटर दौड़ में दमखम दिखाने वाले धावक शामिल हैं। खिलाड़ियों को ठंड से बचाने के लिए दिन में धूप के समय अभ्यास करने की सलाह दी जा रही है। उनकी कमियों को दूर करने का प्रयास जारी है।
- डॉ. रमेश सिंधू, एथलेटिक कोच, एमडीयू
खेल स्पर्धाओं की जानकारी के लिए छात्राएं आ रही हैं। वे अपनी पसंद के खेलों में नाम लिखवाने व आवेदन जमा करा रही हैं। इन्हें आवेदन पत्रों के साथ जमा कराए जाने वाले दस्तावेजों के बारे में बताया जा रहा है। छात्राओं ने अभ्यास भी शुरू कर दिया है।
- बसंत कुमार, प्राध्यापक, शारीरिक शिक्षा, राजकीय महिला कॉलेज
खेल स्पर्धाएं एक दिसंबर को शुरू होने जा रही हैं। क्रॉस कंट्री दौड़ से इसका शुभारंभ होगा। खेलों स्पर्धाओं की तैयारी कर ली गई है। खेल बोर्ड अपना खेल कैलेंडर कुलपति को भेज चुका है। ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी से मिली तिथि व समय के हिसाब से स्पर्धाएं कराई जाएंगी। विवि को विभिन्न खेलों में अनेक पदक दिलाने का प्रयास है। इसके लिए खिलाड़ी भी कड़ी मेहनत कर रहे हैं।
- डॉ. देवेंद्र सिंह ढुल, खेल निदेशक, एमडीयू