रोहतक। ब्लॉक समिति की पार्षद के पति मंजीत सुंदरपुर की हत्या के चार आरोपियों को अदालत ने शुक्रवार को दोषी करार दिया। चारों एक ही परिवार के सदस्य हैं, जिनको एएसजे राजकुमार की अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। 2019 से जिला अदालत में केस चल रहा था।
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक सुंदरपुर गांव निवासी डैनी ने मार्च 2019 में सदर थाने में शिकायत दी थी कि रात करीब आठ बजे वह अपने साथी अनुज व मंजीत गली में खड़े होकर बातचीत कर रहे थे। नजदीक गांव अश्वनी का मकान था। अश्वनी घर से आया और मंजीत के साथ गाली-गलौच करने लगा। बोला, लिमिट में रहा कर, तु मुझे जानता है ना। उस समय तो दोनों के बीच-बचाव हो गया। जब मंजीत अपने घर जाने लगा तो अश्वनी, उसका पिता जयभगवान, ताऊ राजकुमार व ताऊ का बेटा रवींद्र उर्फ मौसम ने मंजीत को घेर लिया और घर के अंदर ले गए। डैनी व अनुज छुड़ाने के लिए घर के अंदर गए तो मंजीत को एक ने चाकू मारा, जबकि बाकी ने डंडों से पीटा। छाती में चाकू लगने से मंजीत नीचे गिर गया। मौके पर भीड़ जमा हो गई। मंजीत को पीजीआई ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई।
मंजीत की पत्नी थी ब्लॉक समिति की सदस्य, रंजिश में हुई हत्या
शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया था कि मंजीत की पत्नी ब्लॉक समिति की सदस्य थी। साथ ही मंजीत का गांव में अच्छा रुतबा था। इस बात से अश्वनी व उसका परिवार खुश नहीं थे। इसी रंजिश के चलते आरोपियों ने मंजीत की हत्या की है।
चारों दोषी एक ही परिवार के
अदालत ने अश्वनी उसके पिता जयभगवान, रवींद्र उर्फ मौसम व उसके पिता रामकुमार को हत्या का दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही अश्वनी पर 13 हजार, जबकि बाकी तीन दोषियों पर 11-11 हजार रुपये जुर्माना किया गया है। जुर्माना न भराने पर अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी।