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कलानौर में लगा कांग्रेस को झटका हाईकोर्ट ने लगाई चेयरमैन के चुनाव पर रोक

Tue, 25 Apr 2017 02:35 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
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पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट - फोटो : File Photo
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कांग्रेस को उस समय झटका लगा, जब पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने कलानौर नगर पालिका के चेयरमैन राकेश बतरा की चेयरमैनी पर रोक लगा दी। मामले की अगली सुनवाई अब 21 अगस्त को होगी। हाईकोर्ट की डबल बेंच ने चयन को लेकर प्रदेश सरकार से भी जवाब मांगा है। कलानौर नगर पालिका में 15 पार्षद हैं। जबकि कलानौर विधायक शकुंतला खटक व सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा भी सदस्य के तौर पर शामिल हैं। नपा के अंदर कांग्रेस व भाजपा के बीच कांटे की टक्कर है।
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पांच अप्रैल को हाईकोर्ट के आदेश पर सीटीएम महेंद्र पाल की अध्यक्षता में कलानौर नपा कार्यालय में चेयरमैन का चुनाव हुआ। कांग्रेस समर्थित राकेश बतरा को चेयरमैन घोषित कर दिया गया। भाजपा समर्थित पार्षद पवन कुमार ने हाईकोर्ट में याचिका दायर करके आरोप लगाया था कि चेयरमैन के चुनाव में नियमों का उल्लंघन किया गया है। दायर याचिका में पवन ने बताया कि नियमों के तहत नौ पार्षदों का कोरम पूरा होना जरूरी है। उस दिन मीटिंग में आठ पार्षद पहुंचे थे। बाद में कोरम पूरा न होने के कारण वे बाहर आ गए। इसके बाद अंदर सात पार्षद बच गए। बाद में कांग्रेस विधायक शकुंतला खटक आईं। जब पहले मीटिंग स्थगित हो चुकी थी तो कैसे चुनाव प्रक्रिया में शामिल हो सकती हैं। इसके बाद राकेश बतरा को चेयरमैन घोषित कर दिया गया। समर्थन करने वालों में उनका नाम भी है, जबकि उन्होंने कोई समर्थन ही नहीं किया। ऐसे में चेयरमैन के चयन को रद्द करने और राकेश बत्तरा के चेयरमैन की अधिसूचना जारी न करने और चुनाव के लिए नई तिथि घोषित करने की अपील की गई। हाईकोर्ट ने चुनाव पर रोक लगाते हुए सभी प्रतिवादी पक्ष को नोटिस जारी कर 21 अगस्त तक जवाब तलब किया है।

आरटीआई से मिले जवाब को बनाया आधार

याचिकाकर्ता ने आरटीआई के तहत नगरपालिका कलानौर सचिव से पूरी कार्रवाई की प्रोसिडिंग रिपोर्ट मांगी। रिपोर्ट के मुताबिक नप चेयरमैन चुनाव के लिए आयोजित मीटिंग में वार्ड नंबर 2,3,4,9,10,15,13 व 15 उपस्थित हुए। जबकि कोरम पूरा होने के लिए नौ सदस्य चाहिए। ऐसे में चेयरमैन के चयन की कार्रवाई स्थगित की जा सकती है लेकिन मीटिंग की कार्रवाई जारी थी। उसी समय हलका कलानौर विधायक उपस्थिति हो जाती हैं। इस तरह कोरम पूरा होता। प्रधान पद के लिए आए नामांकन में केवल वार्ड नंबर 13 से पार्षद राकेश बतरा का नामांकन आया। अन्य किसी भी पार्षद का नामांकन नहीं आया। न ही मीटिंग में किसी भी पार्षद ने आपत्ति व्यक्त की। ऐसे में बतरा को चेयरमैन घोषित किया जाता है।
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मैं एक घंटे पहले बाहर आ गया था, हस्ताक्षर को समर्थन कैसे माना

याचिकाकर्ता और नपा के वार्ड नंबर 4 के पार्षद पवन कुमार का कहना है कि मीटिंग में पहुंचे सभी पार्षदों के हाजिरी के तौर पर हस्ताक्षर लिए गए। उस समय कोरम पूरा नहीं था। ऐसे में उन्होंने हाजिरी लगाने के लिए हस्ताक्षर किए थे न कि चेयरमैन के चुनाव के समर्थन में हस्ताक्षर किए थे। सीडी के अंदर चयन की प्रोसिडिंग में साफ तौर पर अधिकारी 9वें पार्षद के बारे में पूछ रहे हैं। मैं भाजपा समर्थित पार्षद हूं, कांग्रेस समर्थित चेयरमैन का कैसे समर्थन कर सकता हूं।

यहां पर पेच, मीटिंग स्थगित की जाती है या की जा सकती है

नपा के सचिव की ओर से आरटीआई के तहत जो प्रोसिडिंग की रिपोर्ट दी गई है, उसमें एक जगह लिखा है कि कोरम पूरा नहीं होने के कारण मीटिंग स्थगित करने को लेकर पेच है। याचिकाकर्ता का कहना है कि प्रोसिडिंग में लिखा है कि मीटिंग स्थगित की गई है, जबकि दूसरे पक्ष का कहना है कि यह लिखा है कि स्थगित की जा सकती है। मीटिंग की प्रक्रिया चल ही थी। तभी कांग्रेस विधायक आ गईं। कोरम पूरा होने पर चेयरमैन की चुनाव की प्रक्रिया शुरू हुई और एक ही नामांकन आने पर राकेश बतरा को चेयरमैन चुन लिया गया।

हाईकोर्ट के फैसले की कॉपी नहीं मिली

नपा के चयनित चेयरमैन राकेश बतरा का कहना है कि जिस समय कांग्रेस एमएलए मीटिंग में पहुंची, उस समय याचिका दायर करने वाले पार्षद पवन कुमार भी मौजूद थे। हालांकि अब कह रहे हैं कि वे पहले ही बाहर आ गए थे। अदालत का नोटिस आते ही मैं अपना पक्ष रखूंगा। याचिकाकर्ता ने बाकायदा प्रोसिडिंग पर हस्ताक्षर किए हैं। अब कुछ लोगों के दबाव में चेयरमैन के चुनाव को चुनौती दे रहे हैं।
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राकेश बतरा, चेयरमैन, नगर पालिका, कलानौर।
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