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मिसाल: रोहतक में 13 साल की जिया ने दादा की बरसी पर 15 इंच कटवाए बाल, तमिलनाडु की संस्था को कैंसर मरीजों के लिए कर दिए दान

Tue, 26 Oct 2021 02:15 AM IST
रोहतक ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, रोहतक

सार

रोहतक की 13 साल की लड़की दूसरों के लिए मिसाल बनकर सामने आई है। जिया वाही ने कैंसर पीड़ितों के लिए अपने बाल दान किए हैं। उन्होंने अपने बाल तमिलनाडु की एक संस्था को दिए हैं, जो कैंसर पीड़ितों के लिए विग बनाने का काम करती है। जिया हमेशा से ही दूसरों की मदद के लिए काम करती रही हैं।
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जिया अपनी मां तृप्ता वाही के साथ। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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दानवीर कर्ण को आप सब जानते हैं। रोहतक में 13 साल की जिया वाही ने भी कैंसर मरीजों के लिए अपने सिर के बाल दान कर कुछ ऐसी ही मिसाल कायम की है। बॉलीवुड की हिंदी फिल्म ओएमजी से प्रेरित होकर छात्रा ने कैंसर पीड़ितों के विग बनाने के लिए अपने 28 में से 15 इंच बाल कटवा दिए हैं। 19 अक्तूबर को अपने दादा की बरसी पर 13 वर्षीय छात्रा ने 15 इंच लंबे बाल तमिलनाडु के लखीमपुरम की एक संस्था को कुरियर के जरिये भेज दिए हैं।

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डॉक्टर बनकर मरीजों की सेवा करने का है लक्ष्य
अमर उजाला से हुई बातचीत में रोहतक के गोहाना अड्डा निवासी जिया वाही ने कहा कि कैंसर मरीजों के लिए विग की जरूरत होती है। इसके लिए दादा जगदीश लाल वाही की बरसी पर बाल दान किए हैं। भविष्य में भी बाल लंबे होंगे, तो इन्हें दान करती रहूंगी। छात्रा का लक्ष्य डॉक्टर बनकर मरीजों की सेवा करना है।
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मरीजों को तिरस्कार नहीं, प्यार व सहयोग की जरूरत
जिया का कहना है कि कैंसर मरीज से छुआछूत ठीक नहीं है। कैंसर रोग साथ बैठने, रहने या खाने-पीने से नहीं लगता है। मेरे दादा दो साल कैंसर से पीड़ित रहे। इस बीमारी के कारण भीलवाड़ा में उनको बर्तनों का कारोबार बंद करना पड़ा। हम उनकी देखभाल करते हुए न केवल साथ रहे, बल्कि खाना भी उनके साथ खाया। जनवरी 2021 में वे चल बसे। ऐसे मरीजों को तिरस्कार नहीं, प्यार व सहयोग की जरूरत है। अक्सर लोग ऐसे मरीज से दूरी बना लेते हैं।

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जो लोग पहले दे रहे थे ताने, अब दे रहे शाबाशी
तृप्ता वाही ने बताया कि बेटी जिया ओएमजी फिल्म देख रही थी। इसमें एक अभिनेता ने बालों के व्यापार की बात कही। बालों से कैंसर मरीजों के लिए विग बनाने की बात पता लगी, तो उसने कहा कि कैंसर मरीजों के लिए विग बनती है, तो मैं बाल दान करूं?..इस सवाल पर उसे अपनी सोच के हिसाब से फैसला लेने के लिए कहा गया। इसके चलते उसने 19 अक्तूबर को अपने दादा की बरसी पर बाल दान किए। शुरू में जानकारों ने उसे खूब ताने दिए। इससे वह तनावग्रस्त भी हो गई थी।

यह दुख जानने के बाद उसे हर जगह साथ ले जाने लगी। कहीं कोई बालों के लिए टोकता, तो उन्हें कारण समझाती। इससे लोग उसके प्रशंसक बनने लगे। उसे जो लोग पहले ताने दे रहे थे, अब वही न केवल उससे मिलने का समय मांग रहे हैं, बल्कि शाबाशी भी दे रहे हैं।

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संस्था ने ऑनलाइन दिया प्रमाणपत्र
छात्रा ने बताया कि तमिलनाडु की संस्था कैंसर मरीजों के लिए विग बनाती है। इन्हें किसी भी उम्र के कैंसर मरीजों को लगाया जा सकता है। इसके लिए कोई भी 10 इंच से अधिक लंबे बाल दान कर सकता है। संस्था ने 15 इंच लंबे बाल दान करने पर ऑनलाइन प्रमाण पत्र जारी किया है। इंटरनेट से जानकारी जुटाई, तो सोनीपत की एक महिला से संपर्क हुआ। इसने अपने बाल संस्था को दान किए थे। वहां से पता लिया और संस्था से संपर्क किया।
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स्कूल में सहपाठियों ने ताली बजाकर सराहा
जिया के स्कूल पहुंचने पर शिक्षक ने उससे बाल कटवाने का कारण पूछा। इस पर कैंसर मरीजों के लिए बाल दान करने की बात कही, तो शिक्षक ने फोन कर छात्रा की मां को बेटी को प्रेरित करने के लिए सराहा। यही नहीं, कक्षा में सहपाठियों ने जोरदार तालियां बजाकर उसे प्रोत्साहित किया। छात्रा दूसरों को भी बाल दान करने के लिए जागरूक करेगी।

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छात्रा को मिल चुका है हरियाणा गौरव अवॉर्ड
भावुक होने के साथ-साथ छात्रा जीवों को लेकर भी दयालु है। पतंग की डोर में उलझकर घायल हुए कबूतर को पांच दिन पहले ही बचाया था। उसके घाव पर हल्दी का लेप लगाया। यही नहीं, इलाज के लिए उसकी फोटो सोशल मीडिया पर अपलोड कर चिकित्सक का नंबर पूछा। लोगों से मिले नंबर पर संपर्क कर पिता अमित वाही के साथ कबूतर को वैश्य कॉलेज, शिव मंदिर ले गई। उपचार के बाद वह ठीक हो गया तो उसे उड़ा दिया।

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छात्रा अपने जेब खर्च से जरूरतमंदों की मदद करती रहती है। छोटे भाई के साथ कोरोना की पहली लहर में उसने मास्क व सैनिटाइजर बांटे थे। इसके लिए प्रशासन ने उसे सम्मानित भी किया था। वर्ष 2019 में उसे हरियाणा अवॉर्ड व वर्ष 2021 में हरियाणा गौरव अवॉर्ड से नवाजा जा चुका है।
 

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