सीबीआई के रिकॉर्ड के मुताबिक रोहित नाम के युवक की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की गई थी। आरोप था कि फरवरी 2016 को दोपहर करीब 3:30 बजे भीड़ लाठी, तलवार और पेट्रोल बम से लैस होकर दिल्ली बाईपास की ओर से कैप्टन अभिमन्यु की कोठी की तरफ बढ़ी।
जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान पूर्व वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु की कोठी जलाने के केस में आरोपी खिड़वाली निवासी धर्मेंद्र हुड्डा को सीबीआई की स्पेशल कोर्ट ने भगोड़ा घोषित कर दिया है। अब केस में 4 जुलाई को अगली सुनवाई होगी।
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सीबीआई के रिकॉर्ड के मुताबिक रोहित नाम के युवक की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की गई थी। आरोप था कि फरवरी 2016 को दोपहर करीब 3:30 बजे भीड़ लाठी, तलवार और पेट्रोल बम से लैस होकर दिल्ली बाईपास की ओर से कैप्टन अभिमन्यु की कोठी की तरफ बढ़ी और जबरन घर में घुस गई। घर के अंदर खड़े वाहनों को आग लगा दी और सामान लूट लिया। घर में मौजूद लोगों को मारने के इरादे से पेट्रोल बम फेंके। इससे कोठी में करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ था।
इस मामले की पहले जांच पुलिस कर रही थी, बाद में केस को सरकार ने सीबीआई को सौंप दिया गया था। बचाव पक्ष के वकील ने बताया कि केस में 59 आरोपी हैं, जिसमें जाट नेता अशोक बल्हारा, राहुल दादू, मनोज दूहन, जगपाल उर्फ जग्गा, धर्मेंद्र हुड्डा सहित अन्य नामजद हैं। फरवरी में सीबीआई अदालत ने आरोपी धर्मेंद्र हुड्डा के अदालत में पेश न होने पर वारंट जारी किए थे। इसके बावजूद आरोपी पेश नहीं हुआ। ऐसे में उसे भगोड़ा करार दिया गया है।
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हाईकोर्ट ने दे रखी है छह माह में केस निपटाने की हिदायत
हाईकोर्ट ने सीबीआई की विशेष अदालत को हिदायत दी थी कि केस का छह माह में निपटारा किया जाए। ऐसे में सीबीआई कोर्ट हर सप्ताह केस की सुनवाई कर रही है। केस में 141 से ज्यादा गवाह हैं। अदालत में सुनवाई के दौरान आरोपी धर्मेंद्र हुड्डा कोर्ट में पेश नहीं हुआ।