आईएमटी फेज 3 में दस दिन पहले हुए विस्फोट मामले में खुलासे की उम्मीद जगी है। पुलिस का दावा है कि जांच में कुछ अहम सुराग हाथ लगे हैं। कड़ी से कड़ी जोड़ रहे हैं। विस्फोट केस का पूरा खुलासा होने में कितना समय लगेगा, यह अभी नहीं कह सकते। सोमवार को पुलिस लाइन में कोरोना योद्धा के तौर पर डॉक्टरों को सम्मानित करने पहुंचे एडीजीपी संदीप खिरवार ने एक सवाल के जवाब में मीडिया कर्मियों से यह बात कही।
31 जुलाई की सुबह खरावड़ गांव निवासी 54 वर्षीय राजकुमार सैर करने के लिए आईएमटी फेज 3 में गया था, जहां गांव के चार लोग पहले से थे। नजदीक हैंडपंप के पास सफेद रंग का पॉलिथीन रखा था। जैसे ही राजकुमार ने उसे उठाया तो धमाका हो गया। धमाके में राजकुमार का चेहरा व हाथ जख्मी हो गया। उसका अब भी पीजीआई में उपचार चल रहा है। विस्फोट की गूंज दिल्ली तक पहुंची। एनआईए की टीम रोहतक पहुंची और विस्फोट के घटनास्थल की जांच की। तभी से पुलिस व एनआईए की टीम विस्फोट की गुत्थी सुलझाने का प्रयास कर रही हैं, लेकिन अभी तक कोई खुलासा नहीं हो सका है।
आईएमटी विस्फोट मामले की गहराई से जांच कर रहे हैं। कुछ कड़ी जांच टीम के हाथ लगी हैं, उनको जोड़कर जांच आगे बढ़ा रहे हैं। अभी यह नहीं कह सकते कि जल्द विस्फोट केस का खुलासा हो जाएगा। स्वतंत्रता दिवस को देखते हुए पुलिस का सर्च अभियान लगातार जारी रहेगा।
- संदीप खिरवार, एडीजीपी