बारिश से बर्बाद हुई फसलों की स्पेशल गिरदावरी और नुकसान की भरपाई को लेकर किसानों ने लघु सचिवालय के मुख्य गेट के बाहर धरना दिया। कई घंटे तक कोई वरिष्ठ अधिकारी नहीं आया तो रोष में आए किसान उपायुक्त आवास के बाहरी गेट के अंदर दाखिल हो गए। तब एसडीएम राकेश सैनी ने मौके पर पहुंच कर उनकी बात सुनी। किसानों ने कहा कि जमीनी स्तर पर कोई काम नहीं हो रहा है। अगर जल्द कुछ न हुआ तो वे 21 अक्तूबर से धरना शुरू करेंगे।
किसान सभा की अगुवाई में किसानों ने सुबह 10 बजे धरना शुरू कर दिया। इस दौरान जिला प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी की गई। उपायुक्त कैप्टन मनोज कुमार और एसडीएम राकेश सैनी मौजूद नहीं थे। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि वे बीडीपीओ को बुला देते हैं, उन्हें ज्ञापन दे दें। लेकिन किसानों ने दो टूक कह दिया कि वे ज्ञापन देने नहीं आए हैं, किसी वरिष्ठ अधिकारी से बात कर उसे समस्या बताने आए हैं। करीब सवा दो बजे तक कोई नहीं आया तो किसान मार्च करते हुए उपायुक्त आवास पहुंच गए और बाहरी गेट के अंदर दाखिल हो गए। किसानों ने मौके पर पहुंचे एसडीएम राकेश सैनी को बताया कि पिछले दिनों बारिश व जलभराव से फसलें बर्बाद हो गई थीं। किसानों ने पानी की निकासी और स्पेशल गिरदावरी की मांग की थी। लेकिन अब तक न तो स्पेशल गिरदावरी का पता है और न ही जल निकासी के पुख्ता प्रबंध हुए हैं, जिससे किसानों में रोष है। हाल ही में बारिश और तेज हवाओं से धान की फसल बिछ गई है। धान के नुकसान में बीमा कंपनियां मनमानी कर रही हैं। वे जलभराव से धान को हुए नुकसान की भरपाई करने से इनकार कर रही हैं। किसानों ने मांग की कि जब अधिकारी गिरदावरी के लिए गांवों में जाएं तो नुकसान के आकलन की रिपोर्ट किसानों को जरूर दिखाएं। किसानों ने यह भी मांग की कि बाजरा की सरकारी खरीद शुरू की जाए, निजी खरीद से किसानों को काफी घाटा हो रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर जल्द उनकी मांगों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई तो वे 21 अक्तूबर से बड़ा धरना लगाएंगे। इस मौके पर किसान सभा के प्रीत सिंह, सुमित सिंह, बलवान सिंह, भाकियू के रणधीर काला, कृष्ण बल्हारा, डॉ. अजय बल्हारा, राजेंद्र तोमर, सतबीर सोरखी, रामचंद्र सिवाच, अत्तर सिंह हुड्डा, मुकेश खासा, बलवान सिंह भराण, जगमेंद्र सैमाण, राय सिंह नेहरा, खेमचंद, चांद सिंह, रवि मलिक, सज्जन सिंह, अशोक राठी, सुभाष चंद्र, रणबीर नेहरा, नरेश सांगवान, सुनील मलिक, ओम प्रकाश भी मौजूद रहे।