हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी रोहतक पीजीआई के ट्रॉमा सेंटर पहुंचे। उन्होंने घायलों के उपचार में कोताही न बरतने के निर्देश दिए। घायलों से बोले कि अभी आचार संहिता लगी हुई है, इसलिए कोई घोषणा नहीं कर सकते।
हरियाणा के रोहतक में धारूहेड़ा स्थित निजी कंपनी में डस्ट कलेक्टर का बॉयलर फटने से घायल मरीजों का हाल जानने बुधवार को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी पीजीआई के ट्रॉमा सेंटर पहुंचे। सीएम के साथ में पूर्व सहकारिता मंत्री मनीष कुमार ग्रोवर भी उपस्थित रहे।
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मुख्यमंत्री ने यहां परिजनों से भी बातचीत कर उनका ढाढ़स बधाया। वहीं पीजीआई अधिकारियों व चिकित्सकों को निर्देश दिए कि घायलों के उपचार में किसी तरह की कोई लापरवाही न होने पाए। सरकार घायलों की हरसंभव मदद के लिए तत्पर है।
श्रमिक कल्याण बोर्ड की योजना से मिलेगी सहायता, सरकार नहीं कर सकती कोई घोषणा
मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी आचार संहिता लगी हुई है, इसलिए कोई घोषणा नहीं कर सकते, लेकिन सरकार की ओर से उन्हें हर संभव मदद उपलब्ध कराई जाएगी। सभी जल्द स्वस्थ हों, ऐसी कामना करते हैं।
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वहीं मुख्यमंत्री ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा कि धारूहेड़ा में हुए दुखद फैक्टरी हादसे में हर मृतक के परिवार को श्रमिक कल्याण बोर्ड की योजना के तहत 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। 75 प्रतिशत से अधिक झुलसे हुए श्रमिकों को इलाज के लिए 2 लाख रुपये की सहायता दी जाएगी। 50 से 75 प्रतिशत तक झुलसे श्रमिकों को 1 लाख रुपये की सहायता की जाएगी। 50 प्रतिशत तक झुलसे श्रमिकों के इलाज के लिए 50 हजार रुपये की सहायता दी जा रही है। ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि घायल परिवारजन जल्द स्वस्थ हों।
यह है मामला
धारूहेड़ा स्थित लाइफ लाॅन्ग कंपनी में 16 मार्च को डस्ट कलेक्टर का बॉयलर फट गया था। इस हादसे में कंपनी में काम कर रहे 40 से अधिक श्रमिक झुलस गए थे। सभी घायलों को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया था। इनमें से 23 मरीजों को पीजीआईएमएस रोहतक में भर्ती कराया गया था।