मातनहेल में पूर्व सैनिक बैठक में भाग लेते हुए ।स्त्रोत स्वयं
झज्जर। तहसील मातनहेल के पूर्व सैनिकों, वीर नारियों व अन्य गणमान्य व्यक्तियों की बैठक में विभिन्न समस्याओं पर चर्चा की गई। इसमें मुख्य रूप से कस्बा मातनहेल में सैनिक स्कूल का मुद्दा उठा। वक्ताओं ने बताया कि लगभग पिछले 36 वर्षों से क्षेत्र वासी इस मांग को उठा रहे हैं लेकिन दुर्भाग्यवश किसी भी सरकार ने इस तरफ ध्यान नहीं दिया।
कर्नल जय सिंह ने बताया कि वर्ष 2003 में तत्कालीन मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में तत्कालीन रक्षा मंत्री भारत सरकार द्वारा इस स्कूल की आधारशिला रखी गई, लेकिन न तो हरियाणा सरकार और न ही केंइ्र सरकार ने उस समय उचित कार्रवाई नहीं की। 2005 में प्रदेश और केंद्र में कांग्रेस की सरकार आईं तो उसने यह कहते हुए अपना पल्ला झाड़ लिया कि न मातनहेल में बनाने के लिए कोई रिकॉर्ड नहीं है। वर्ष 2014 में दोनों ही जगह एनडीए की सरकार आई तब भी स्कूल बनाने का वादा पूरा नहीं हुआ। इस मौके पर पूर्व सैनिकों, वीर नारियों की समस्या के समाधान बारे चर्चा हुई और फैसला किया कि इस संबंध में निकट भविष्य में उचित कार्रवाई की जाएगी। इस बारे गांव सरपंच के प्रतिनिधि कैप्टन बिजेंद्र सिंह से भी अनुरोध किया कि जरूरी कदम उठाया जाए। इस मौके पर कर्नल जय सिंह, कप्तान धर्म पाल सुहाग, सूबेदार श्रद्धानंद, सूबेदार धर्मवीर सिंह, सूबेदार सत्यप्रकाश लेफ्टिनेंट जयभगवान, कप्तान जयप्रकाश, सूबेदार मेजर धर्मपाल, सूबेदार जगदीश, नायब सूबेदार जयभगवान, कप्तान बिजेंद्र सिंह उपस्थित रहे।