झज्जर। समय बदल रहा है। आज बेटियां हर क्षेत्र में बेटों की बराबरी कर रही है। सिविल सेवा हो या खेल का मैदान हर क्षेत्र में बेटियां धूम मचा रही है। इसके सार्थक परिणाम भी नजर आ रहे हैं। प्रदेश में कभी लिंगानुपात में पिछड़ने वाला झज्जर जिला अब नजीर बनता जा रहा है। जनवरी में प्रदेश में 13वें स्थान पर रहने वाला जिला मार्च में तीसरे स्थान पर पहुंच गया है।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी मार्च माह की जारी रिपोर्ट में जिले का लिंगानुपात में एक हजार लड़कों के मुकाबले 964 पहुंच गया है। झज्जर से आगे केवल चरखीदादरी और फतेहाबाद जिले है। मार्च माह में झज्जर जिले में 2532 बच्चे पैदा हुए। जिसमें 1289 लड़के और 1243 लड़कियां हैं। इससे पहले फरवरी माह में जिले में कुल 1775 बच्चे पैदा हुए। इसमें लड़कों की संख्या 894 है और लड़कियों की संख्या 881 है। जनवरी माह में लिंगानुपात की स्थिति 915 थी जबकि पिछले साल यह आंकड़ा 905 था।
भ्रूणलिंग जांच के 13 मामले पकड़े
स्वास्थ्य विभाग ने उप सिविल सर्जन डॉ. शैलेंद्र डोगरा, डाॅ. संदीप के नेतृत्व में पिछले साल 2023 में कुल 13 रेड की थी। इसमें भ्रूण लिंग जांच के मामले पकडे़ गए थे। पिछले साल भी दिल्ली में लिंग जांच गिरोह का भंडाफोड़ किया गया था। इस साल 2024 में भी अब तक दो रेड की गई है। इसमें एक दिल्ली और एक बहादुरगढ़ में की गई थी।
सूचना देने वालों को किया सम्मानित
स्वास्थ्य विभाग द्वारा उन लोगों को सम्मानित भी किया गया, जिन द्वारा भ्रूण लिंग जांच करने की सूचना विभाग को दी गई थी। पिछले साल 2023 में विभाग को 8 सूचनाएं मिली थी। उन सभी को एक-एक लाख रुपये की राशि देकर सम्मानित करने का काम किया गया। इसके अलावा जिन गांवों में लिंगानुपात बढ़ा है, वहां की छात्राओं को भी सम्मानित करने का विभाग ने किया।
2023 में टॉप रहे प्राइमरी स्वास्थ्य केंद्र
केंद्र का नाम लिंगानुपात
भंभेवा 1103
बहू 1087
जहांगीरपुर 1056
सीताराम गेट 988
कम लिंगानुपात वाले प्राइमरी स्वास्थ्य केंद्र
केंद्र का नाम लिंगानुपात
बादली 750
साल्हावास 763
नेताजी नगर 805
कनौंदा 807
वर्जन
जिले के लिंगानुपात में काफी सुधार हुआ है। कभी अंतिम जिलों में शामिल झज्जर जिला अब लिंगानुपात मामले में टॉप तीन जिलों में शामिल हो गया है। सभी के प्रयास से यह संभव हुआ है। जिले ही नहीं बल्कि इंटर स्टेट भ्रूण लिंग जांच गिरोह को पकड़ा गया है। इससे ऐसा करने वालों में डर भी आया है।
डॉ. शैलेंद्र डोगरा, उप सिविल सर्जन, झज्जर