रोहतक में पत्रकारों से बात करते पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा।
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हरियाणा के पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने शनिवार को सरकार पर हल्ला बोला। हुड्डा ने कहा कि प्रदेश के अंदर परिवार पहचान पत्र को हथियार बनाकर सरकार साढ़े चार लाख बुजुर्गों की पेंशन खत्म कर चुकी है। कांग्रेस सत्ता में आई तो न केवल बुजुर्गों की पेंशन बहाल होगी, बल्कि परिवार पहचान पत्र को ही खत्म कर दिया जाएगा। हुड्डा शनिवार को रोहतक में अपने डी पार्क स्थित आवास पर मीडिया से बातचीत कर रहे थे।
हुड्डा ने कहा कि परिवार पहचान पत्र में अगर बेटा सरकारी नौकरी करता है या उसकी आय ज्यादा है तो इस बात का क्या सबूत है कि वह माता-पिता को अच्छी तरह से रखता है। यूं किसी बुजुर्ग को सम्मान भत्ते से वंचित करना अन्याय है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। वे मुद्दे को विधानसभा में भी उठा चुके हैं। वहीं, भाजपा नेत्री सोनाली फोगाट केस की सीबीआई से जांच की मांग करते हुए हुड्डा ने कहा कि साजिश अगर हरियाणा में रची गई है तो प्रदेश के मुख्यमंत्री गोवा के मुख्यमंत्री को पत्र लिखने के बजाय खुद केंद्र से सीबीआई जांच करवाएं।
एसवाईएल पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला लागू करे केंद्र
एसवाईएल (सतलुज-यमुना लिंक नहर) के सवाल पर हुड्डा ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट निर्णय दे चुका है, उसे लागू करवाना केंद्र सरकार का काम है। पूर्व गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने सभी दलों की बैठक बुलाई थी। दलों के नेता राष्ट्रपति से मिल चुके हैं। पीएम नरेंद्र मोदी से मिलने का समय भाजपा को लेना चाहिए। वहीं, केजरीवाल के एसवाईएल पर आदमपुर में दिए गए सवाल पर हुड्डा ने कहा कि उन्होंने पंजाब चुनाव के दौरान एसवाईएल पर जो बयान दिया था, वह मेरे पास है।
परचून की दुकान की तरह बिक रही नौकरियां
प्रदेश में नौकरियों के सवाल पर हुड्डा ने कहा कि हरियाणा बेरोजगारी में नंबर वन हो गया है। नौकरियां परचून की दुकान की तरह बिक रही हैं। कभी रोडवेज कर्मी तो कभी पुलिसकर्मी भर्ती, कितनी बार पेपर लीक हो चुका है। विधायक प्रकरण सबके सामने है। एसएससी पर सवाल उठ चुके र्हैं। सरकार छोटी मछलियों पर कार्रवाई कर बड़े मगरमच्छों को बचा रही है। इसलिए किसी घोटाले की सीबीआई से जांच नहीं करवा रही।
खरखौदा में प्लांट लगाने का फैसला कांग्रेस के समय में हुआ
हुड्डा का कहना है कि मारुति सुजूकी का एक प्लांट मानेसर में चल रहा है। जबकि एक रोहतक में है। तीसरा प्लांट खरखौदा में लगाने का निर्णय कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में हुआ था। वे खुद जापान जाकर बात करके आए थे। अब भाजपा सरकार बताए कि प्लांट लगने में आठ साल की देरी क्यों हुई।