नाबालिग बेटी से छेड़छाड़ के आरोपी पिता को एएसजे नरेश कुमार की अदालत ने मंगलवार को दोषी मानते हुए पांच साल कैद की सजा सुनाई है। साथ ही उसपर पांच हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है।
बचाव पक्ष के वकील दीपक चहल ने बताया कि जिले के एक गांव में एक महिला ने 2010 में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। उसके आत्महत्या के लिए मजबूर करने के आरोप में उसके पति को 7 साल की कैद हुई थी। पिता 2018 में सजा पूरी करके घर आया था। छह माह बाद उसकी 11 साल की बेटी ने 2019 में रोहतक पुलिस को शिकायत दी। उसने दी शिकायत में बताया कि उसकी दादी घर पर नहीं थी। पिता ने उसके साथ छेड़छाड़ की। घर आने पर अपनी दादी को पूरे मामले से अवगत कराया। उसने बताया कि इससे पहले भी आरोपी इस तरह की हरकत कर चुका है। पुलिस ने पोक्सो एक्ट व जेजे एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। तभी से आरोपी न्यायिक हिरासत के चलते सुनारिया जेल में बंद है। मंगलवार को एएसजे नरेश कुमार की अदालत ने आरोपी को दोषी मानते हुए पांच साल की कैद सुनाई है। इसके साथ ही उस पर पांच हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। इसके अलावा जेजे एक्ट के तहत 3 साल कैद की सजा सुनाई है। दोनों सजा एकसाथ चलेंगी।
दादी-पोती ने दी थी अदालत में गवाही
केस की सुनवाई के दौरान अदालत ने गवाह के तौर पर पीड़िता व उसकी दादी को अदालत में पेश किया गया था। दोनों ने मामले में ठोस गवाही दी थी। केस के अंदर आरोपी की तरफ से कोई निजी वकील पेश नहीं हुआ था। ऐसे में जिला विविध प्राधिकरण की तरफ एडवोकेट दीपक चहल को आरोपी की तरफ से केस लड़ने की जिम्मेदारी दी गई थी। चहल ने बताया कि पीड़िता व उसकी दादी ने केस में ठोस गवाही दी। इसके चलते आरोपी को सजा हुई है।