हरियाणा के रोहतक के कंसाला गांव में गुरुवार को उस समय सन्नाटा छा गया, जब गांव के युवक सुमित (34) व उसके बेटे यगित (7) की यूपी में मेरठ एक्सप्रेस वे पर सड़क हादसे में मौत हो गई। सुमित के माता-पिता की पहले ही मौत हो चुकी है। वह परिवार का इकलौता बेटा था और इको वैन पर ड्राइवरी कर व दूध बेचकर परिवार पाल रहा था। अब हादसे में घायल 10 साल की बेटी व सुमित की पत्नी बची है। हादसे के बाद घर के दरवाजे बंद नजर आए, क्योंकि सुमित की पत्नी अपने रिश्तेदारों के साथ गाजियाबाद गई हुई थी। शुक्रवार को शव गांव में पहुंचने की संभावना है।
वह इको वैन पर ड्राइवरी करके व दूध बेचकर परिवार पाल रहा था। उसके पास एक बेटा व एक बेटी है। सूचना मिली कि वह अपने रिश्तेदारों के साथ हरिद्वार गया हुआ था। गुरुवार को गांव में हादसे की सूचना मिली। घर पर कोई नहीं मिला। हादसे की सूचना पाकर हर कोई गमजदा है।
दुर्भाग्य ने नहीं छोड़ा साथ, दो साल पहले टूटा गया था पैर
पूर्व सरपंच ने बताया कि सुमित काफी मेहनती लड़का था। दो साल पहले सड़क हादसे में उसका पैर टूट गया था। पैर ठीक हुआ तो वह दोबारा ड्राइविंग करने लगा। अब बेटे व बेटी को अच्छी जगह पढ़ाने का सपना देख रहा था। लेकिन हादसे के चलते सपने भी उसके साथ ही चले गए।
जबकि तेजपाल और यगित ने अस्पताल में दम तोड़ दिया। गाजियाबाद पुलिस के मुताबिक सुमित कार चला रहे थे। तेजपाल आगे वाली सीट पर बैठे थे और सुमित की बहन बबली पिछली सीट पर सुमित के बेटे यगित व बेटी निकिता के साथ बैठी थी। सीसीटीवी कैमरे की फुटेज के आधार पर ट्रक की पहचान की जा रही है। तेजपाल के बेटे रोहित शर्मा ने अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ शिकायत दी है।