देश के सिविलियंस को सातवां वेतन आयोग और नोसनल वेतन के आधार पर संशोधित वेतन व पेंशन मिल रहा है। इससे इतर देश की सीमा पर दुश्मनों से लोहा लेने वाले सेना के जवानों खास कर वर्ष 2016 से पहले सेवानिवृत्त हुए जवानों को अभी नोसनल वेतन के आधार पर संशोधित पेंशन मिलने का इंतजार है। इसकी वजह पीपीओ (पेंशन पेय आर्डर) जारी नहीं होना बताया जा रहा है। यह खुलासा आरटीआई से मिले दस्तावेजों से हुआ है। शहर के सेक्टर-3 में रहने वाले उमेद सिंह ताऊ ने पूर्व सैनिकों की इस समस्या को उठाया है। उधर, डीपीडीओ (डिस्ट्रिक्ट पेंशन डिस्ट्रीब्यूटरी ऑफिस) अधिकारी ने नोसनल वेतन फिक्स कर दिए जाने का दावा किया है। ऐसे में जल्दी ही पेंशनर्स को संशोधित पेंशन मिलने की उम्मीद है।
केस 1
सरकार ने कर्मचारियों के लिए सातवें वेतन आयोग लागू करने के बाद नोसनल वेतन की घोषणा की थी। इसके तहत पेंशनर्स को संशोधित पेंशन दी जानी है। इस बारे में करीब डेढ़ साल से कोई फैसला नहीं हुआ है। सरकारी पत्र जारी होने के बाद भी पूर्व सैनिक योजना से लाभांवित नहीं हैं। इस योजना से वेतन अनुसार सभी को लाभ होगा।
राजेंद्र सिंह, सेवानिवृत्त हवलदार, सेक्टर-14
केस 2
नोसनल पेंशन सभी को मिलनी है। इस बारे में पीपीओ आने का इंतजार है। कुछ जवानों को उनकी सेवानिवृत्ति के साथ ही यह लाभ मिल गया है। मुझे इस योजना के तहत दो हजार रुपये अतिरिक्त मिले हैं। शेष नए व पुराने सभी पूर्व सैनिकों को नोसनल पेंशन का लाभ जल्द मिलने की उम्मीद है।
जगबीर सिंह मलिक, पूर्व कैप्टन, खरावड़।
सेना पर लागू ही नहीं था नोसनल वेतन
केंद्रीय सरकार ने 01/2016 से पूर्व सेवानिवृत्त पेंशनर की पेंशन नोसनल वेतन के आधार संशोधित करने के संबंध में पत्र संख्या 38/37/2016-पीएंडपीडब्लू (ए) 6 जुलाई 2017 को जारी किया था। भारतीय सेना के पेंसनर्स पर यह लागू नहीं किया था। इसलिए सरकार ने पत्र संख्या 17(1)/2017(02)/डी(पेंशन/पॉलिसी) 17 अक्तूबर 2018 के तहत सेना पर भी इसे लागू कर दिया। आरटीआई से मिली जानकारी में पीपीओ जारी नहीं होने की बात सामने आई है।
देश में सेना के 32 लाख पेंशनर्स
भारत में सेना के कुल 3235730 पेंशनर हैं। इन्हें वर्ष 2018-19 में 101774.70 करोड़ रुपये पेंशन दी गई है। यह आंकड़ा सेना कार्यालय से आरटीआई के तहत मिली जानकारी में सामने आया है। इन जवानों को सरकार के निर्देश के बाद भी (एक वर्ष पांच माह) नोसनल वेतन के आधार पर पेंशन संशोधित कर नया पीपीओ (पेंशन पेय आर्डर) जारी नहीं किया गया है। यही नहीं डीए व डीआर एक वर्ष छह माह तक फ्रीज कर दी गई। इससे अधिकतर पेंशनर्स आर्थिक संकट में है।
पूर्व सैनिकों के हित में लगाई आरटीआई
देश की सेना से सेवानिवृत्त हुए जवानों को नोसनल वेतन के तहत संशोधित पेंशन नहीं मिल रही है। इससे उनकी आर्थिक स्थिति पर असर पड़ रहा है। खासकर उनका डीए व डीआर फ्रीज करने पर। पूर्व सैनिक इससे उभरने का विरोध भी नहीं कर रहे हैं। वे सरकार का सहयोग कर रहे हैं। अत: सरकार को भी शीघ्र पेंशनर्स की नोसनल वेतन के आधार पर पेंशन संशोधित कर नया पीपीओ जारी कराना चाहिए।
उमेद सिंह ताऊ, सेवानिवृत्त निरीक्षक, कोआपरेटिव सोसायटी।
सेना को सातवां वेतन आयोग देने के बाद सरकार ने नोसनल पेंशन का निर्देश दिया था। यह हमारे कार्यालय से फिक्स कर दिया गया है। यदि किसी को नहीं मिला है तो जल्दी ही मिल जाएगा।
इंद्रपाल सिंह, डीपीडीओ (जिला रक्षा पेंशन सवितरण अधिकारी)।