प्रदेश में कोरोना का संक्रमण घटते ही पीजीआईएमएस प्रशासन ने गंभीर मरीजों के साथ अब सामान्य मरीजों के लिए भी मेडिकल सुविधाओं को बहाल करना शुरू कर दिया है। सामान्य ओपीडी शुरू करने के एक सप्ताह बाद अब पांच जुलाई से संस्थान में इलेक्टिव सर्जरी भी शुरू कर दी जाएंगी। इसका लाभ वेटिंग में चल रहे मरीजों के साथ नए मरीजों को भी मिलेगा।
पीजीआईएमएस में जिले के अलावा प्रदेशभर से व राजस्थान, दिल्ली, पश्चिमी उत्तरप्रदेश से मरीज उपचार के लिए आते हैं। यहां दैनिक ओपीडी में सात से आठ हजार मरीजों की जांच होती है और 200 से 250 मरीजों का ऑपरेशन किया जाता है। पिछले दिनों कोरोना संक्रमण के चलते ओपीडी में संख्या प्रतिबंधित कर इलेक्टिव सर्जरी को रोक दिया गया था। संस्थान केवल गंभीर मरीजों की ही सर्जरी कर रहा था। इसके चलते हर दिन इलेक्टिव सर्जरी कराने वालों की लिस्ट बढ़ रही थी। अब पांच जुलाई से इलेक्टिव सर्जरी शुरू होने से मरीजों को राहत मिलेगी और वह निजी अस्पतालों में महंगी सर्जरी कराने से बच सकेंगे। गौरतलब है कि अमर उजाला ने मरीजों की इस समस्या को 28 जून के अंक में प्रमुखता से उठाया था। इस पर स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज और पीजीआईएमएस प्रशासन ने संज्ञान लिया और अब सर्जरी शुरू करने के निर्देश जारी कर दिए हैं।
एक साल से बंद है इलेक्टिव सर्जरी
कोरोना संक्रमण के चलते प्रदेश के सबसे बड़े चिकित्सा संस्थान पीजीआईएमएस में पिछले एक साल से इलेक्टिव सर्जरी बंद हैं। इस कारण कई मरीजों की सर्जरी रुक गई। महामारी से पहले संस्थान में रोजाना तकरीबन 250 सर्जरी होती रही हैं। इसमें हड्डी रोग, नेत्र रोग, स्त्री रोग एवं प्रसूति विभाग, ईएनटी, सर्जरी समेत अन्य विभागों के मरीज शामिल होते हैं। संस्थान के ऑपरेशन थियेटर में इलेक्टिव सर्जरी नहीं होने से गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों की संख्या हर दिन बढ़ती जा रही थी। पिछले एक साल में संस्थान में रोजाना 200 मरीजों के हिसाब से यह संख्या करीब 73 हजार बनती है। अब इन मरीजों को भी राहत की आस बंधी है।
सभी विभागों को जारी किए निर्देश
संस्थान ने इलेक्टिव सर्जरी करने के लिए सभी विभागों को तैयारी करने के निर्देश जारी किए हैं। यही नहीं, सभी विभागों के लिए ऑपरेशन टेबल का भी आवंटन कर दिया है। एसओटी में इमरजेंसी सर्जरी के लिए हड्डी रोग, नेत्र एवं ईएनटी रोग व सामान्य सर्जरी को जगह दी गई है। हड्डी विभाग को दो, नेत्र व ईएनटी के मरीजों के लिए दो और सामान्य सर्जरी के लिए एक टेबल तय की गई है।
कोरोना के कारण इलेक्टिव सर्जरी बंद थी। अब संक्रमित केस कम हो गए हैं। इसलिए फिर से सभी सर्जिकल विभागों में इलेक्टिव सर्जरी शुरू की जा रही है। इससे लंबे समय से इलाज की राह देख रहे मरीजों को भी राहत मिलेगी।
- डॉ. पुष्पा दहिया, चिकित्सा अधीक्षक, पीजीआईएमएस