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34 घंटे मेडिकल वेस्ट के बीच हाई रिस्क में रहे मरीज

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प्रदेश के सबसे बडे़ चिकित्सा संस्थान पीजीआईएमएस में उपचाराधीन मरीजों ने 34 घंटे तक मेडिकल वेस्ट वाले हाई रिस्क में समय बिताया। यहां बीयरर व सफाई कर्मचारियों का वेतन नहीं मिलने के कारण हुई हड़ताल के कारण संस्थान में गंभीर स्थिति बनी रही। संस्थान में दिन भर में छह बार होने वाली सफाई तो दूर पिछले 34 घंटे में एक बार झाड़ू पोंछा तक नहीं लगा। नतीजतन वार्ड, गैलरी, मरीजों के बेड के नीचे कचरे का ढेर लगा रहा। यही नहीं, इमरजेंसी में भी सफाई व्यवस्था चरमराई रही। यहां भी कचरे का ढेर नजर आया। हालात ये थे कि मरीजों के सहायकों को झाड़ू पोंछा लगाना पड़ा। इस अव्यवस्था से परेशान पीजीआईएमएस प्रशासन ने मामले में हस्तक्षेप करते हुए दोपहर को निजी कंपनी प्रबंधक व कर्मचारियों से बातचीत की। शाम को कंपनी प्रबंधक ने हर माह 10 तारीख को वेतन देने व एरियर का एक सप्ताह बाद भुगतान करने का आश्वासन दिया। इसके बाद कर्मचारियों ने हड़ताल समाप्त करने का फैसला लिया और काम पर लौटे। देर रात संस्थान की सफाई व्यवस्था सुचारु बनाने के लिए अभियान शुरू किया गया।
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अमर उजाला ने जाना हड़ताल का साइड इफेक्ट
अमर उजाला की टीम ने हड़ताल का साइड इफेक्ट जानने के लिए जब विभिन्न वार्डों व इमरजेंसी विभाग का दौरा किया तो शुक्रवार को अव्यवस्थाएं नजर आई। जगह-जगह कूड़ा, गंदगी व दुर्गंध मरीजों को बेचैन कर रहे थे। आपात विभाग के कमरा छह के नर्सिंग रूम में कचरा थोक विक्रेता की दुकान की तरह बिखरा था। कमरे में रखे कूड़ेदान कचरे से इस कदर अटे पड़े थे कि कचरा इनसे बाहर गिर रहा था। यहीं हाल दूसरे विभागों का भी था। हड्डी रोग विभाग में हर कमरे के बाहर कूड़े के ढेर नजर आए। गैलरी में दोनों ओर लगे कचरे के ढेर बेहतर स्वास्थ्य सेवा का सच साफ बयान कर रहे थे।
जनता कॉलोनी की सोनिया अपने पिता नरेश की तीमारदारी के लिए पीजीआई आई हुई हैं। यहां पिता के बेड के आसपास फैली गंदगी के कारण उनके लिए वहां बैठना तक मुश्किल हो गया। इस कारण उन्होंने खुद सफाई कर्मचारियों का पोंछा उठाकर बेड के आसपास सफाई करना बेहतर समझा। कुछ ऐसा ही दूसरे मरीजों के सहायक करते नजर आए। किसी ने झाडू़ लगाया तो किसी ने कचरा उठाकर बाहर फेंका। इधर, हड़ताल के कारण पटरी से उतरी व्यवस्था को सुचारु बनाने के लिए पीजीआई के अधिकारी करीब तीन घंटे बैठक में व्यस्त रहे। यहां कर्मचारियों की समस्या का समाधान कर हड़ताल समाप्त कराने के उपाय पर चर्चा हुई।
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आश्वासन मिला तो काम पर लौटे
पीजीआई अनुबंधित कर्मचारी संघ के बैनर तले शुक्रवार को भी सफाई कर्मचारियों की हड़ताल जारी रही। संघ की प्रधान कलावती कांगड़ा ने कहा कि दोपहर बाद प्रशासन ने बैठक बुलाई। कर्मचारियों व कंपनी प्रबंधक से बातचीत हुई। कंपनी ने वेतन जारी कराने के साथ हर महीने की 10 तारीख को वेतन देने व मार्च 2020 से मार्च 2021 का बकाया एरियर एक सप्ताह बाद देने का आश्वासन दिया। इसके चलते शाम पांच बजे बाद हड़ताल समाप्त कर दी गई। देर शाम कुछ कर्मचारियों के खाते में वेतन भी पहुंचा। हड़ताल के दौरान मंच का संचालन महासचिव अजमेर बोहत ने किया। इस मौके पर सतीश बोहत, सतीश डुलगच, जितेंद्र खरब, राजेश चंडालिया, रमेश, गीता, काजल, सुनील, हरकेश, गुलाब, विकास, अति, बिजेंद्र, ममता, रवि, अनीता, आशा, मुकेश, शीलू, निर्मला, पूनम, अजीत, योगेश समेत अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।
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