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सीढ़ियां चढ़ने व लाइन में लगने को मजबूर बुजुर्ग

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काउंटर पर अपना शिकायती पत्र देने के लिए लाइन में लगे लोग। अमर उजाला
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रोहतक। नगर निगम क्षेत्र की 2.09 लाख प्रॉपर्टी के बिल एक अप्रैल से थमाने वाली कंपनी का गलत सर्वे जी का जंजाल बन गया है। कंपनी के गलत सर्वे की सजा प्रॉपर्टी स्वामी भुगत रहे हैं। लोग लाइनों में खड़े-खड़े परेशान होते हैं। बुजुर्ग थकने पर जमीन पर बैठकर राहत की सांस लेते हैं। बावजूद इसके समस्या का समाधान नहीं हो रहा।
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नगर निगम में प्रॉपर्टी टैक्स के बिल बांटने और जमा कराने वाली कंपनी का कार्यकाल 31 मार्च को खत्म हो रहा है। एक अप्रैल से दूसरी कंपनी कार्य करेगी। एक अप्रैल से काम करने वाली कंपनी ने अपने स्तर से सभी प्रॉपर्टी का सर्वे कराया, जिसमें काफी गलतियां हैं। किसी प्रॉपर्टी का साइज बढ़ा करके टैक्स बढ़ा दिया है तो किसी में नाम अथवा वार्ड संख्या गलत लिख दी है। इन गलतियों को सही करने के लिए कंपनी को प्रत्येक वार्ड में कैंप लगाने के आदेश दिए गए थे, मगर कंपनी की तरफ से कोई सार्थक कदम नहीं उठाया गया। यही नहीं, श्रीराम रंगशाला में दो काउंटरों पर शिकायतें ली जा रही है, जिन पर इतनी लंबी लाइन लगती है कि लोगों को काफी देर तक खड़े रहना पड़ता है। प्रॉपर्टी टैक्स की गलती को सही कराने के लिए सर्वाधिक बुजुर्ग आ रहे हैं, जिनकी न सिर्फ सीढ़ियां चढ़ने में सांसें फूल जाती है बल्कि लाइन में खड़े रहने से थमकर चूर हो जाते हैं। ऐसी स्थिति में बुजुर्ग जमीन पर बैठकर राहत की सांस लेते हैं।
कंपनी के अधिकारी नहीं आते नजर
लोग अपनी शिकायत लेकर आते हैं, जहां कंपनी की तरफ से कोई अधिकारी नजर नहीं आता है। सिर्फ दो ही कर्मी काउंटरों पर दिखते हैं, जो कोई भी बात सुनने को तैयार नहीं होते। वह परेशान लोगों से पूछताछ करने पर जवाब देते हैं कि सिर्फ आवेदन लेने के लिए बैठे हैं। यदि कोई बात पूछनी है, तो अधिकारियों से बात करें। जब अधिकारी के बारे में लोग पूछते हैं, तो एक ही जवाब मिलता है कि वह कल मिलेंगे।
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लोग बोले- शिकायत के बावजूद नहीं हो रहा समाधान
पता नहीं कैसे सर्वे किया है। मेरी प्रॉपर्टी सिर्फ 151 वर्ग गज है और सर्वे कंपनी ने बढ़ाकर 204 वर्ग गज करके टैक्स भी लगा दिया है। पहले शिकायत की मगर अभी तक सुधार नहीं हुआ है। दोबारा से परेशान होकर आना पड़ा है।
- रघुवीर सिंह, प्रेमनगर
दो प्रॉपर्टी है और दोनों में गलती है। एक प्रॉपर्टी में नाम गलत है और दूसरी से नाम ही गायब है। पहले शिकायत की तब कहा कि 12 हजार रुपये का पहले बिल जमा करें। बिल जमा कर दिया तो अब गलती सही नहीं हो रही।
- धर्मवीर, हरी सिंह कॉलोनी
मैंने अपनी प्रॉपर्टी बच्चों के नाम कर दी थी और रिकॉर्ड में भी दर्ज करवा दिया था। अब सर्वे कंपनी का नोटिस मिला है, जिसमें जिस व्यक्ति से प्रॉपर्टी खरीदी थी, उसका नाम दर्ज कर लिया है। इससे काफी मानसिक परेशानी बढ़ गई है।
- तिलकराज, शिवम एन्क्लेव
मेरी प्रॉपर्टी 118 वर्गगज हैं और बढ़ाकर 185 वर्गगज कर दी है। प्रॉपर्टी वार्ड नंबर पांच में है और उसे वार्ड नंबर 13 में दर्शा दिया है। पहले शिकायत की मगर समाधान नहीं हुआ। अब दोबारा से शिकायत लेकर आया हूं।
- ओमप्रकाश, प्रेमनगर
वर्जन -
यदि सर्वे कंपनी के अधिकारी नहीं आते हैं, तो काफी गलत है। अधिकारियों को लोगों की शिकायत सुनने के लिए मौजूद रहना चाहिए। सर्वे कंपनी का कहना है कि वह शिकायतों पर संशोधन कर रही है, जो एक अप्रैल को दिखेगा। लोगों की समस्या का समाधान करने के लिए निगम की तरफ से कैंप लगवाए जा रहे हैं।
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- सुरेश कुमार, संयुक्त नगर आयुक्त
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