रोहतक। हरियाणा लोहा व्यापार संघ की प्रदेशस्तरीय बैठक शुक्रवार को स्थानीय जिमखाना क्लब में केंद्रीय टीम के अध्यक्ष अमित गुप्ता की अध्यक्षता में हुई। इसमें संगठन को मजबूत बनाने सहित अनेक मुद्दों पर विचार-मंथन हुआ। जिला प्रधान नरेन्द्र देशवाल ने बताया कि बैठक में व्यापार संघ के उद्देश्यों के ऊपर विस्तार से चर्चा हुई। इसमें बताया गया कि हरियाणा लोहा व्यापार संघ के उद्देश्यों में सर्वप्रथम जिलास्तर पर लोहा मंडी बनाने के लिए राज्य प्रशासन को आवेदन देना एवं स्थान उपलब्धता सुनिश्चित कराना शामिल होगा।
जिला प्रधान ने बताया कि बैठक में संघ के ऊपर लिखित उद्देश्यों के अलावा व्यापार संघ की सदस्यता के विषय में भी विस्तार से चर्चा हुई। हरियाणा लोहा व्यापार संघ के चुनाव किस प्रकार रहेंगे इसके ऊपर भी सविस्तार विचार विमर्श हुआ। इसके अलावा होली एवं दीपावली पर जिलास्तर पर मीटिंग रखना, दो महीने में कम से कम एक कार्यकारिणी की बैठक रखना, स्वतंत्रता दिवस एवं गणतंत्र दिवस को भी धूमधाम से मनाना पर चर्चा हुई। प्रत्येक व्यापारी को उसके प्रतिष्ठान पर लगाने के लिए संस्था का एक सदस्यता प्रमाणपत्र बनाना है। चर्चा हुई कि व्यापारी का पहचान पत्र एवं विजिटिंग कार्ड भी संघ के द्वारा प्रदान करना, जिलास्तर पर अपनी इकाई का गठन कर विभिन्न व्यापारियों को सदस्य बनाकर कम से कम 30 तथा अधिकतम 100 की संख्या में गठित करेगी। बैठक में केंद्रीय टीम से अध्यक्ष अमित गुप्ता कासनिया, महामंत्री मामन चंद गोयल, सचिव सुमित एवं पंकज, उपप्रधान अशोक बंसल (हिसार), सह कोषाध्यक्ष नरेश (पानीपत), कोषाध्यक्ष संजय गुप्ता, हिसार जिला प्रधान श्याम जिंदल, गुरूग्राम जिला प्रधान सुमित अरोड़ा, मेवात प्रधान विशाल गुप्ता, नितिन गर्ग (पानीपत), सोनीपत प्रधान दीपक मंगला, सिरसा से पुरुषोत्तम गोयल, फरीदाबाद से सतीश गर्ग, रेवाड़ी से बहादुर सिंह, रोहतक प्रधान नरेंद्र देशवाल, कैथल प्रधान सुमित बंसल, झज्जर प्रधान रविंदर सिंघल, भिवानी प्रधान संजय अग्रवाल, जींद प्रधान सुशील मित्तल, अंबाला प्रधान राजीव मित्तल, फतेहाबाद प्रधान संजय गोयल, कुरुक्षेत्र प्रधान सुनील कुमार मोनू, करनाल प्रधान विनोद गर्ग जी एवं महेंद्रगढ़ प्रधान, प्रदीप आदि अपनी कार्यकारिणी के प्रमुख सदस्यों के साथ उपस्थित रहे।
इन मुद्दों पर हुई चर्चा
बिना बिल के माल की बिक्री को बंद कराने की दिशा में विभिन्न स्तरों पर प्रयास करना, चोरी होना-आग लगना जैसी परिस्थितियों में व्यापारी की प्रशासनिक स्तर पर सुनवाई हो इसके लिए समुचित प्लानिंग एवं प्रयास जिलास्तर पर करना है। इंश्योरेंस पॉलिसीज के विषय में सदस्यों को समुचित जानकारी करवाना एवं प्रशासनिक स्तर पर कंपनसेशन का भी प्रावधान करवाना और व्यापारी की रिटायरमेंट आयु होने पर प्रशासनिक स्तर पर पेंशन की स्कीम को लागू कराने की दिशा में प्रयास करना है। प्रशासन में राज्य एवं केंद्रीय स्तर पर संस्था का विभिन्न सरकारी कमेटियों की गतिविधियों में उचित प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करना और जीएसटी एवं इनकम टैक्स विभाग में, व्यापारी चोर है इस अवधारणा को बदलना शामिल है। इन विभागों में केस की तारीख पड़ने पर सारा दिन व्यापारी को परेशान होना ना पड़े, इसके लिए प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई करना एवं व्यापारी को पूरे दिन की बजाए सुबह या शामका समय सुनिश्चित करवाना जैसी कई बातों को रखा गया। साथ ही डिफॉल्टर व्यापारी, डिफॉल्टर ठेकेदार ऐसे व्यक्तियों को राज्यस्तर पर प्रचारित करवाना जिससे दूसरे व्यापारी सावधान हो जाएं तथा ऐसे व्यापारी, ठेकेदार को कोई माल ना दे और व्यापारियों से संबंधित किसी भी प्रकार की कानूनी सहायता, पुलिस सहायता, एक्सीडेंट में सहायता डिस्ट्रिक्ट स्तर पर, कस्बा स्तर पर उपलब्ध कराने की दिशा में प्रयास करना है।