सिरसा, अंबाला, यमुनानगर में घरों से निकले लोग।
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हरियाणा के सभी जिलों में भूकंप के झटके महसूस किए गए
अंबाला, कुरुक्षेत्र, रोहतक, पानीपत, सिरसा, करनला, झज्जर बहादुरगढ़, जींद, नारनौल-महेंद्रगढ़, भिवानी, हिसार, नूंह, गुरुग्राम, पलवल, पंचकूला, फरीदाबाद, फतेहाबाद, यमुनानगर, कैथल, चरखी दादरी, सोनीपत, रेवाड़ी सभी जिलों में भूकंप के झटके महसूस किए गए।
मोहाली और चंडीगढ़ में भी घरों से निकले लोग।
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पंजाब में भी भूकंप के झटकों से सहमे लोग, घरों से बाहर निकले
पंजाब के अमृतसर, मोहाली, रोपड़, पटियाला, बठिंडा, लुधियाना, मुक्तसर, अबोहर, पठानकोट, नवांशहर, तरनतारन, फरीदकोट, कपूरथला सहित पंजाब के सभी क्षेत्रों में भूकंप के झटके मसूस किए गए। भूकंप की आहट होते ही लोग घरों से बाहर निकल आए। इसके अलावा चंडीगढ़ में भी भूकंप के तेज झटके महसूस हुए।
जींद में मकान में आई दरार
हरियाणा के जींद में भिवानी रोड बाईपास कॉलोनी में वेदप्रकाश के मकान में भूकंप से दरार आ गई। इसके अलावा भी शहर में लोगों ने भूकंप के झटके महसूस किए।
भूकंप महसूस होते ही सोशल मीडिया पर बना चर्चा का विषय
जैसे ही लोगों ने भूकंप के झटके महसूस किए, लोगों ने अपने परिचितों को सोशल मीडिया पर मैसेज भेजने शुरू कर दिए। लोगों ने एक दूसरे से फोन पर भी स्थिति जानी। कईं लोगों ने तुरंत सोशल मीडिया पर अपडेट डालना शुरू कर दिया।
यह है भूकंप का कारण
देहरादून से महेंद्रगढ़ तक जमीन के नीचे एक फॉल्ट लाइन है। इसमें अनगिनत दरारें हैं। इन दिनों इन दरारों में गतिविधियां चल रही हैं। इसके तहत प्लेट मूवमेंट करती हैं। इसके आपस में हल्की सी टकराने पर ही कंपन पैदा होता है। यह कभी भी कहीं भी हो सकता है। इसी वजह से भूकंप के झटके महसूस होते हैं।
भूकंप रोधी तकनीक से कम ऊंचाई वाले मकान बनाएं
ऐसे में क्षेत्र में लोगों को भूकंप रोधी पदार्थ से मकान बनाने चाहिए। लोगों को दो या तीन मंजिल से अधिक ऊंचे मकान नहीं बनाने चाहिए। मकान बनाने से पहले मिट्टी की जांच व भूकंप संबंधी अन्य बातों को जानना जरूरी है। मकान हल्के व मजबूत होने चाहिए।
जोन तीन और चार में आता है रोहतक और झज्जर
भूकंपीय जोनिंग मैप के अनुसार रोहतक-झज्जर जोन तीन और जोन चार में आता है। भारत में भूकंप को चार जोन में बांटा गया है। जिसमें जोन दो, तीन, चार और पांच शामिल है। इसको खतरों के हिसाब से आंका जाता है। जोन दो में सबसे कम खतरा और जोन पांच में सबसे अधिक खतरा होता है। मैप में जोन दो को आसमानी रंग, जोन तीन को पीला रंग, जोन चार को संतरी रंग और जोन पांच को लाल रंग दिया गया है। इसमें रोहतक जिले का दिल्ली साइड का क्षेत्र जोन चार व हिसार साइड का क्षेत्र जोन तीन में आता है।