सिंचाई विश्राम गृह में अधिकारियों के साथ बैठक करते चुनाव आयुक्त धनपत सिंह । संवाद
राज्य चुनाव आयुक्त धनपत सिंह ने कहा है कि बिना सत्यापन किए मतदाता सूची में से न तो नाम काटा जाए और न ही जोड़ा जाए। वह मंगलवार की देर शाम सिंचाई विश्राम गृह में पंचायती राज संस्थाओं और शहरी स्थानीय निकायों के चुनाव की तैयारियों को लेकर अधिकारियों के साथ बैठक कर रहे थे।
राज्य चुनाव आयुक्त ने निर्देश दिए कि मतदाता सूची में से नाम काटने, जोड़ने या शिफ्ट करने के लिए निर्धारित प्रक्रिया अपनाएं और फॉर्म भरवाएं। नगर निगम व नगर पालिका क्षेत्र में पड़ने वाले वार्डों में मतदाता की संख्या को लेकर संतुलन बनाने का प्रयास किया जाए ताकि हर वार्ड में मतदाताओं की संख्या लगभग बराबर रहे। उन्होंने मतदाता सूची को लेकर उपमंडल स्तर पर बीएलओ की मीटिंग करने के भी निर्देश दिए। धनपत सिंह ने कहा कि चुनाव निर्देशिका में संशोधन किया जा रहा है। नए चुनावी खर्चों के बारे में सुझाव भेजे जा सकते हैं, जो अब तक बुकलेट में शामिल नहीं थे। चुनावी खर्च को लेकर बजट की कोई कमी नहीं है। खर्च के संबंध में ऑडिट पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। अगर कोई बिल पेंडिंग है तो उसका बजट मांगा जा सकता है। उन्होंने कहा कि वीडियोग्राफी केवल संवेदनशील और अति संवेदनशील मतदान केंद्रों में ही करवाई जाए। वोट हर नागरिक का संवैधानिक हक है। बैठक में निगम आयुक्त नरहरि सिंह बांगड़, एडीसी महेंद्र पाल, एसडीएम राकेश सैनी, प्रदीप अहलावत व श्वेता सुहाग, जिला परिषद के सीईओ महेश कुमार, सीटीएम ज्योति मित्तल, डीडीपीओ अजीत सिंह चहल, बीडीपीओ राजपाल चहल, डीआरओ कनब लाक़ड़ा, जिला चुनाव अधिकारी सुरेंद्र हुड्डा मौजूद रहे।
चुनाव के लिए प्रशासन तैयार : डीसी
उपायुक्त कैप्टन मनोज कुमार ने बैठक में राज्य चुनाव आयुक्त धनपत सिंह का स्वागत किया। उन्होंने ईवीएम के बारे में रिपोर्ट प्रस्तुत की। साथ ही बताया कि 1578 बड़े और 325 छोटे बैलेट बॉक्स प्रयोग के योग्य हैं। अन्य चुनावी सामग्री को लेकर कोई समस्या नहीं है। चुनाव अधिकारी और उप चुनाव अधिकारी नियुक्त किए जा चुके हैं, जिला प्रशासन चुनाव के लिए तैयार है।