नगर निगम 17 अगस्त से खाली प्लॉटों में कूड़ा-कर्कट, गंदगी, जलभराव मिलने पर पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाएगा। इस दौरान अगर कोई विरोध करेगा तो जुर्माने की राशि प्रॉपर्टी आईडी में जुड़ जाएगी। वहीं, जब तक जुर्माना राशि जमा नहीं होगी तब तक एनडीसी (नो ड्यूज सर्टिफिकेट) नहीं मिलेगी। नगर निगम क्षेत्र में लोगों की 50 हजार से ज्यादा प्रॉपर्टी प्लाट के रूप में हैं। इनमें निर्माण नहीं होने से गंदगी व जलभराव रहता है। इससे दुर्गंध और प्रदूषण फैल रहा है। नगर निगम अधिकारियों ने इसे काफी गंभीरता से लिया है। अब स्वच्छ भारत मिशन के तहत ऐसे प्लॉट मालिकों पर जुर्माना लगाया जाएगा। इसके तहत निगम के मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. उदयभान ने सभी एसआई और एएसआई को अपने-अपने क्षेत्र में खाली पड़े प्लॉटों में गंदगी या जलभराव मिलने पर जुर्माना लगाने के आदेश दिए हैं। उन्होंने टीमों से कहा है कि यदि कोई जुर्माना लगाने का विरोध करे तो टीम अलग से सूची बनाएगी। यह सूची मुख्य कराधान अधिकारी जगदीश शर्मा को सौंपी जाएगी ताकि जुर्माना राशि प्रॉपर्टी आईडी में जोड़ी जा सके। इसके बाद निगम से एनडीसी तभी मिलेगी जब जुर्माना राशि ब्याज सहित अदा होगी।
निगम क्षेत्र में 50 हजार से ज्यादा खाली प्लॉट हैं। इन प्लॉटों की चेकिंग का अभियान 17 अगस्त से चलेगा। यदि प्लॉटों में गंदगी या जलभराव मिलेगा तो पांच हजार रुपये का जुर्माना लगेगा। विरोध करने पर जुर्माना राशि प्रॉपर्टी आईडी में जुड़वा दी जाएगी। इसके बाद डेढ़ फीसदी ब्याज भी देना होगा।
- डॉ. उदयभान, मुख्य मेडिकल ऑफिसर, नगर निगम