जिला पुलिस सभी 14 पुलिस थानों में साइबर डेस्क बनाएगी। ताकि जल्द से जल्द पीड़ित व आरोपी का बैंक अकाउंट सील कर रिकवरी की जा सके। डेस्क की रिपोर्ट पर ही आगे थाने में एफआईआर दर्ज होगी।
पुलिस अधीक्षक उदय सिंह मीणा ने बताया कि डीजीपी के निर्देश पर साइबर क्राइम को रोकने के लिए पुख्ता कदम उठाए जा रहे हैं। इसके लिए पुलिस थानों में साइबर डेस्क बनाई जाएगी। महिला थाने को छोड़कर अर्बन एस्टेट, सिविल लाइन, सिटी, पुरानी सब्जी मंडी, सदर, आईएमटी, आर्य नगर, शिवाजी कॉलोनी, पीजीआई, लाखनमाजरा, महम, कलानौर, सांपला व बहुअकबरपुर थाने में हेल्प डेस्क बनाई जा रही है। उन्होंने बताया कि ठगी होते ही जैसे ही व्यक्ति हेल्प डेस्क पर जाएगा। सबसे पहले पीड़ित व्यक्ति के साथ उस अकाउंट को भी बंद कराया जाएगा, जिसमें पैसा गया है। इससे पैसा होल्ड हो जाएगा, जिसकी रिकवरी की संभावना बढ़ जाएगी। दूसरा, कई मामले में सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक सामग्री डालने के मामले सामने आते हैं। तत्काल हेल्प डेस्क ऐसी सामग्री को हटवा देगी। तीसरा, हेल्प डेस्क लोगों को अच्छी तरह समझाएगी कि कैसे शिकायत दर्ज करवाई है। इसके लिए साइबर सेल की मदद ली जाएगी।
हर रोज 2 लोग हो रहे ऑनलाइन ठगी के शिकार
जिले में ऑनलाइन धोखाधड़ी के लगातार मामले सामने आ रहे हैं। औसतन साइबर ठग हर रोज 2 लोगाें का अकाउंट खंगाल रहे हैं। खास बात यह है कि साइबर क्राइम के केस में रिकवरी भी 30 प्रतिशत से कम है। अपराधी आम लोगों का पैसा हड़पने के लिए ऑफलाइन से ज्यादा ऑनलाइन सक्रिय हैं।