हरियाणा के रोहतक में दहेज हत्या के मामले में धारा 304 बी के तहत अदालत ने महिला के पति व जेठ को दस साल कैद की सजा सुनाई है। धारा 498ए के तहत तीन वर्ष कैद व तीन हजार रुपये की सजा सुनाई गई है। जुर्माना नहीं देने पर छह महीने की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। यह फैसला बुधवार को एडीएसजे डॉ. गगनगीत कौर की कोर्ट ने दिया।
अदालत के मुताबिक, सोनीपत के जागसी निवासी रघबीर ने 15 फरवरी 2020 को पुलिस में दी शिकायत थी। इसमें कहा था कि उसने अपनी बेटी अमन की शादी 11 नवंबर 2019 को गढ़ी बोहर माजरा के साहिल से की थी। शादी के बाद बेटी ससुराल से घर आई तो उसने बताया कि साहिल नशा करता है। पति व जेठ सुमित समेत अन्य दहेज की मांग करते हैं।
इसके लिए प्रताड़ित करते हैं। 15 फरवरी को सूचना मिली कि तुम्हारी बेटी ने फंदा लगा लिया है। वह मौके पर पहुंचा तो कटी हुई चुन्नी बेटी के गले में लिपटी थी। बेटी की मौत चुकी थी। पुलिस ने इस मामले में पीड़ित के बयान पर साहिल व सुमित के खिलाफ केस दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। बाद में अदालत ने उन्हें जेल भेज दिया था। इसके बाद से मामला अदालत में विचाराधीन था। अदालत ने अब दोनों को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई है।