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रोहतक: कीटनाशक के दवा के सैंपल फेल, एक प्रतिशत भी नहीं मिली दवा की मात्रा, बेचा जा रहा था पाउडर

Sat, 07 Oct 2023 10:58 PM IST
भूपेंद्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, रोहतक (हरियाणा)

सार

28 अगस्त को सुनारिया रोड स्थित कुंज विहार में खुफिया विभाग व कृषि विभाग ने मिलकर छापा मारा था। जांच के लिए दो सैंपल सिरसा तो दो फरीदाबाद लैब में भेजे गए थे। सैंपल में दवा की मात्रा एक प्रतिशत भी नहीं मिली। एक्सपर्ट बोले कि किसान आगे गेहूं के सीजन में सावधान रहे।
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pesticide - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हरियाणा के रोहतक शहर के सुनारिया रोड स्थित कुंज विहार एक मकान में नामी कंपनियों के नाम पर रखे गए दो कीटनाशक दवाओं की सैंपल रिपोर्ट आ गई हैं। सिरसा लैब से जारी रिपोर्ट में साफ किया गया है कि सैंपल के अंदर दवा का एक प्रतिशत भी अंश नहीं था।

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कृषि विभाग के गुण नियंत्रक निरीक्षक राकेश जांगड़ा ने बताया कि 28 अगस्त को खुफिया विभाग व मुख्यमंत्री उड़नदस्ते की टीम के साथ कृषि विभाग की टीम सुनारिया रोड स्थित कुंज विहार कॉलोनी में पहुंची। मकान में कीटनाशक दवाइयां बनाने की फैक्टरी चल रही थी। कृषि विभाग के उप निदेशक महाबीर सिंह, डीडीए डाॅक्टर संदीप मलिक, एसडीओ राकेश कुमार ने पुलिस के साथ मिलकर जांच की।

मौके पर हांसी निवासी सुनील, उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले के राजपुरा निवासी पिंटू व चांदनी मिले। नकली दवाइयां बनाने का काम जारी था, लेकिन वे फैक्टरी का किसी तरह का लाइसेंस नहीं दिखा सके। इसके बाद टीम ने अलग-अलग दवाइयों के चार सैंपल भरे थे। साथ ही 30 पेटी तैयार की गई दवाइयां, सात मशीन, 30 पेटी खाली रैपर व अन्य सामान जब्त किया था। बरामद दवाइयों के दो सैंपल सिरसा तो दो फरीदाबाद लैब में जांच के लिए भेजे गए थे।
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जनता कॉलोनी मकान से जब्त दवाइयों के तीन सैंपल फरीदाबाद भेजे
मुख्यमंत्री उड़नदस्ते के साथ कृषि विभाग की टीम ने दो दिन पहले जनता कॉलोनी स्थित एक मकान पर छापा मारा था, जहां से नामी दवा कंपनियों के नाम पर बेची जा रही दवाइयां जब्त की थी। कृषि विभाग ने तीन सैंपल भरकर जांच के लिए फरीदाबाद लैब भेजे हैं।

किसान यह सावधानियां बरतें

  • नामी कंपनी के बीज और दवाइयों पर होलोग्राम व बार कोड होता है। बार कोड स्कैन करने से कंपनी का नाम लिखा आता है।
  • दवा के ऊपर बैच नंबर लिखा होता है। किसान उस नंबर को नोट करके दूसरी दुकान से वेरीफाई कर सकते हैं।
  • पक्का बिल लेंं। अगर विक्रेता नकली सामान बेच रहा है तो वह पक्का बिल देने में टालमटोल करेगा।
  • शक होने पर किसान विक्रेता से पूछ सकता है कि माल कहां से आया है। कृषि विभाग को शिकायत की जा सकती है।


गेहूं की बिजाई से लेकर खरपतवार नाशक दवा की पड़ेगी जरूरत
कृषि विशेषज्ञ ने बताया कि अगेती धान न केवल मंडियों में आने लगी है, बल्कि पछेती भी दिवाली तक कट जाएगी। नवंबर माह में गेहूं की बिजाई शुरू हो जाएगी। गेहूं के बीज के साथ एक दवा मिलती है, जिसके एक ग्राम से एक किलो बीज का उपचार किया जाता है। इसके बाद गेहूं की फसल बढ़ने लगेगी तो खरपतवार नाशक दवा का छिड़काव करना पड़ता है।

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