हरियाणा की संवेदनशील सुनारिया जेल में लगातार नशा पहुंच रहा है। एक माह पहले कंप्यूटर शिक्षक को 9 ग्राम चरस के साथ काबू किया गया था, अब जेल वार्डन से गेट पर तलाशी के दौरान 17 ग्राम चरस मिली है। इस संबंध में शिवाजी कॉलोनी थाने में मामला दर्ज किया गया है।
जेल के उप अधीक्षक साजिद खान ने शिवाजी कॉलोनी थाने में शिकायत दी है कि गुरुवार की रात को 2 बजे से 6 बजे तक जेल वार्डन ईश्वर सिंह की बैरक नंबर 6 में ड्यूटी थी। रात करीब 1 बजकर 50 मिनट पर ईश्वर सिंह गेट पर पहुंचे। जेल के सहायक अधीक्षक प्रदीप यादव की मौजूदगी में जब जेल के सुरक्षा कर्मियों ने ईश्वर सिंह की तलाशी ली तो उसके दाहिने पैर के तलवे में बीड़ी वाली प्लास्टिक की थैली में जुराब के अंदर 17 ग्राम चरस मिली।
तुरंत जेल प्रशासन ने नशीले पदार्थ को कब्जे में लिया और पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने लिखित शिकायत पर आरोपी के खिलाफ 20 एनडीपीएस एक्ट के व 42 जेल अधिनियम के तहत आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। शुक्रवार को उसे अदालत में पेश किया गया, जहां से जमानत मिल गई।
29 अप्रैल को पकड़ा गया था कंप्यूटर शिक्षक
सुनारिया जेल में नशीला पदार्थ लेकर जाने का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले 29 अप्रैल को जेल प्रशासन ने एनजीओ के माध्यम से बंदियों व कैदियों को कंप्यूटर प्रशिक्षण देने जाने वाले झज्जर चुंगी निवासी सूरज को काबू किया था। उसके पास 9 ग्राम चरस मिली थी।
बेहद सुरक्षित जेल मानकर सरकार ने राम रहीम को भेजा था सुनारिया
प्रदेश के अंदर सुनारिया जेल को सुरक्षित माना जाता है। 2017 में डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को सजा के बाद सुनारिया जेल में ही भेजा गया था। अब भी राम रहीम जेल में सजा काट रहा है। इसके बावजूद जेल में लगातार नशीला पदार्थ पहुंच रहा है। खुद सुरक्षाकर्मी का जेल में चरस लेकर जाते समय पकड़ा जाना इशारा कर रहा है कि जेल के अंदर नशीले पदार्थों की मांग चल रही है।
कंप्यूटर शिक्षक के बाद जेल प्रशासन ने जेल के वार्डन को चरस सहित काबू किया। पुलिस ने लिखित शिकायत मिलने पर आरोपी को गिरफ्तार कर शुक्रवार को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जमानत मिल गई। - इंस्पेक्टर शमशेर सिंह, थाना प्रभारी शिवाजी कॉलोनी