नाभा की नई जिला जेल के पूर्व उप अधीक्षक प्रभजोत सिंह सिद्धू के खिलाफ नाभा सदर थाने में पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। आरोप है कि नाभा जेल में उप अधीक्षक के पद पर तैनाती के दौरान प्रभजोत सिंह ने जेल के एक हवालाती प्रभजीत सिंह से दो लाख रुपये की जबरन वसूली की थी। इस मामले में हवालाती के भाई पलविंदर सिंह ने डीजीपी (जेल) को शिकायत दी थी।
इसके आधार पर की गई जांच में आरोप सही साबित होने पर अब पूर्व उप अधीक्षक के खिलाफ कार्रवाई की गई है। एसएसपी दीपक पारिक ने इसकी पुष्टि की है। गौरतलब है कि आरोपी जेल उप अधीक्षक के खिलाफ डीजीपी (जेल) के पास शिकायत पहुंचते ही उन्हें नाभा की नई जिला जेल से जेल विभाग के चंडीगढ़ मुख्यालय में स्थानांतरित कर दिया गया था।
जानकारी के मुताबिक उप अधीक्षक ने हवालाती प्रभजीत सिंह से किसी अन्य बैरक में शिफ्ट करने के बदले दो लाख रुपये की मांग की थी। पैसे न देने पर हवालाती पर अत्याचार किया गया। नाभा के डीएसपी राजेश कुमार छिब्बर ने बताया कि परेशान होकर हवालाती ने फोन पर अपने भाई पलविंदर सिंह को सारी बात बताई।
इसके बाद भाई ने उप अधीक्षक को पटियाला की पंजाबी यूनिवर्सिटी के नजदीक दो लाख रुपये की नकदी दी। माहिरों के मुताबिक इस घटना से साफ है कि जेलों में अधिकारियों की ओर से वसूली रैकेट चलाया जा रहा है। पूर्व एडीजीपी (जेल) वरिंदर कुमार, जिन्हें अब विजिलेंस ब्यूरो के मुख्य निदेशक के तौर पर नियुक्त किया गया है, उन्होंने इस मामले में जांच का आदेश दिया था। अब जांच के बाद आरोप सही पाए जाने पर नाभा सदर थाने में उप अधीक्षक रहे प्रभजोत सिंह सिद्धू के खिलाफ हवालाती से जबरन वसूली के आरोप में धारा 384 आईपीसी और धारा 7 प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया गया है।