एमए-5
पकड़े गए आरोपी
आरोपियों से बरामद हथियार
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आनंद हत्याकांड
कारौर के आनंद की हत्या में शामिल 7 गिरफ्तार, करनी थी छह और लोगों की हत्या
- पुलिस ने आरोपियों को सनसिटी के पास से किया गिरफ्तार
- आरोपियों के पास से अवैध हथियार भी किए गए बरामद
- एसपी का दावा- जल्द अन्य आरोपियों को भी कर लिया जाएगा गिरफ्तार
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
पुरानी रंजिश के चलते ही कारौर में पूर्व सरपंच के भाई आनंद की हत्या की गई थी। पुलिस ने सात आरोपियों को रविवार को रोहतक के सनसिटी के पास से अवैध हथियारों के साथ गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों को छह अन्य लोगों की भी हत्या करनी थी। पुलिस ने आरोपियों को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया है।
एसपी जशनदीप सिंह रंधावा ने सीआईए-2 के कार्यालय में प्रेसवार्ता करते हुए बताया कि कारौर गांव में 27 अप्रैल को पूर्व सरपंच के भाई आनंद की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में बीस के खिलाफ केस दर्ज कराया गया था। पुलिस ने मुख्य आरोपी अनिल को रिमांड पर लेकर पूछताछ की। पूछताछ के आधार पर पुलिस ने हत्याकांड में शामिल कारौर गांव के विकास उर्फ भांदू, विकास, सोनीपत के लिवासपुर गांव के दीपक, सोनीपत के हसनपुर गांव के सचिन, गन्नौर के समसपुर गामड़ा के मोहित उर्फ पहलवान, सोनीपत के नई बसौदी गांव के प्रदीप उर्फ पोपी समेत सात को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों से आठ देसी पिस्तौल और 16 कारतूस बरामद हुए हैं। उन्हें हरियाणा के विभिन्न स्थानों पर छह लोगों की हत्या करनी थी। इससे पूर्व ही उन्हें पकड़ लिया गया। एसपी ने बताया कि आनंद और अनिल के परिवार के बीच चली आ रही रंजिश के कारण ही अनिल ने आनंद की हत्या करवाई।
इनके खिलाफ दर्ज हुआ था केस
इस मामले में आनंद की पत्नी मुकेश की शिकायत पर अनिल उर्फ रामे निवासी कारौर, संदीप उर्फ काला निवासी जठेड़ी, सोमबीर, संपत नेहरा, अक्षय गांव पलड़ा (सोनीपत), पवन गांव नाहरा, प्रदीप उर्फ पोपी व राजु गांव बसोदी, जयप्रकाश, जयभगवान, बलजीत, विकास, अंकित, मोहित, प्रदीप, कुकी, संदीप, विकास उर्फ बग्गा, राजकुमार और रोहित के खिलाफ मामला दर्ज कराया था।
जेल से अनिल ने ही रची थी हत्याकांड की साजिश
एसपी ने बताया कि जांच में सामने आया है कि अनिल ने जेल से ही हत्याकांड की साजिश रची थी। हत्याकांड में आरोपियों ने लूटी गई बाइक व कार का भी प्रयोग किया था।
पकड़े गए आरोपियों पर यह मुकदमे हैं दर्ज
- कारौर गांव निवासी विकास उर्फ भांदू पर हत्या, हत्या का प्रयास और लूट समेत पांच मामले दर्ज हैं।
- कारौर निवासी विकास उर्फ बग्गा पर भी हत्या और हत्या के प्रयास समेत पांच मामले दर्ज हैं।
- सोनीपत के लिवासपुर गांव निवासी दीपक पर भी हत्या समेत आठ मामले दर्ज हैं।
- सोनीपत के हसनपुर गांव निवासी सचिन उर्फ शूटर पर लूट और लड़ाई-झगड़े के मामले दर्ज हैं।
- गन्नौर के समसपुर गामड़ा निवासी मोहित उर्फ पहलवान पर भी कई संगीन केस दर्ज हैं।
- करौर गांव निवासी मोहित पर भी लूट समेत तीन मामले दर्ज हैं।
- सोनीपत के नई बसौदी गांव निवासी प्रदीप उर्फ पोपी पर हत्या के प्रयास और अवैध हथियार के केस दर्ज हैं।
इन वारदातों के हुए खुलासे
- करीब एक साल पहले विकास उर्फ भांदू, सोमबीर, राजकुमार और विकास बग्गा ने गुरुग्राम से आई-20 कार लूटी थी।
- दस माह पहले विकास भांदू ने आशु कारौर, विकास बग्गा समेत कई अन्य के साथ मिलकर सोनीपत के गोहाना से स्विफ्ट डिजायर कार लूटी थी।
- करीब आठ माह पहले विकास भांदू ने साथियों के साथ नजफगढ़ में फिरौती मांगने के लिए हवाई फायरिंग कर दी थी।
- दिसंबर 2017 में विकास भांदू और विकास बग्गा ने धर्मपाल पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग की थी, जिसमें वह बच गया था।
- पिछले माह 25 अप्रैल को दीपक, सचिन उर्फ शूटर हसनपुर, प्रदीप उर्फ पोपी नई बसौदी व मोहित उर्फ पहलवान समसपुर गामड़ा के साथ मिलकर शाम के समय झज्जर से माछरौली गांव के पास से स्विफ्ट कार लूटी थी, जिसे कारौर के आनंद की हत्या के बाद मौके पर छोड़ दिया था।
-इनके अलावा भी आरोपियों से पूछताछ के बाद दस अन्य वारदातों का खुलासा हुआ है।
इन छह लोगों को उतारना था मौत के घाट
पूछताछ में सामने आया है कि गैंग को आने वाले दिनों में छह लोगों को मौत के घाट उतारना था। पुलिस के अनुसार, आरोपी सचिन उर्फ शूटर को अपने पिता के कातिल हसनपुर निवासी नंद्र की हत्या करनी थी। मोहित उर्फ पहलवान को अपनी बहन के पहले पति पानीपत निवासी अनूप को मारना था। वहीं प्रदीप उर्फ पोपी की बहन ने लव मैरिज की थी। इसीलिए प्रदीप का मकसद बहन के पति को मारना था। इसके अलावा धर्मपाल मालड और उसके भतीजे की हत्या और सुखविंद्र उर्फ धौला निवासी लिवासपुर की हत्या करनी थी।