हरियाणा के रोहतक में अदालत ने नाबालिग से दुष्कर्म करने वाले को 10 वर्ष कैद की सजा सुनाई है। दोषी ने नौवीं कक्षा की छात्रा को अपनी बहन के घर ले जाकर उससे जबरदस्ती की। इसके बाद उसे जान से मारने की धमकी देकर चुप रहने को कहा। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश नरेश कुमार की अदालत ने मार्च 2019 में हुई वारदात के मामले में गुरुवार को फैसला सुनाया। दोषी को सजा दिलाने में पीड़िता का बयान व डीएनए की रिपोर्ट अहम रही।
अदालत के मुताबिक, महिला थाने में 11 मार्च 2019 को नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म मामले में केस दर्ज किया गया था। इसमें पीड़िता ने कहा है कि शास्त्री नगर के विकास ने उसके साथ दुष्कर्म किया है। उसे डरा धमका कर वह अपनी बहन के घर ले गया। यहां उससे जबरदस्ती की और धमकी देकर चुप रहने के लिए कहा।
ऐसा नहीं करने पर भाई को जान से मारने की भी धमकी दी। छात्रा ने आपबीती अपनी मां को बताई तो मामला थाने पहुंचा। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया। अदालत ने वीरवार को दोषी को दस वर्ष कैद व दो हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना नहीं देने पर दो महीने की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।