नगर निगम के संयुक्त आयुक्त महेश कुमार को ज्ञापन देते सीपीआईएम के सदस्य। विज्ञप्ति
नगर निगम की ओर से सीएसआर के तहत पार्कों व सार्वजनिक शौचालयों की मेंटेनेंस आरडब्ल्यूए व एनजीओ को देने का सीपीआईएम ने विरोध किया है। उन्होंने निगम के संयुक्त आयुक्त महेश कुमार को ज्ञापन सौंपा और चेतावनी दी कि अगर निगम ने अपना निर्णय वापस नहीं लिया तो उनके खिलाफ आंदोलन किया जाएगा।
सीपीआईएम की जिला सचिव जगमती सांगवान ने बताया कि नगर निगम ने सार्वजनिक शौचालयों व पार्कों की सफाई का काम एनजीओ व आरडब्ल्यूए को देकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहा है। सभी नगर पार्षदों को इस प्रस्ताव का विरोध करना चाहिए। क्योंकि यह योजना चुने हुए प्रतिनिधियों यानी पार्षदों के अधिकार क्षेत्र में भी कुठाराघात है। 17 नवंबर को होने वाली नगर निगम की बैठक में सरकार का यह प्रस्ताव अनुमोदन के लिए लाया जा रहा है। सरकार की यह योजना उज्ज्वला योजना तर्ज पर नागरिकों से छल करने वाली है। इसमें शुरू में पांच रुपये प्रति वर्ग गज संस्थाओं को मेंटेनेंस के लिए देने का वादा किया जा रहा है। पिछले अनुभव बताते हैं कि सरकार व निगम जिस जिम्मेदारी से भागना चाहती है, उसमें इसी प्रकार ग्रांट देने के वादे करती है। बाद में धीरे-धीरे ग्रांट से हाथ खींच लेती है। इस योजना का खास तौर पर इन कार्यों को वर्तमान में अंजाम दे रहे सफाई कर्मियों पर सबसे नकारात्मक असर पड़ेगा। क्योंकि वो रोजगार से बाहर कर दिए जाएंगे व उनके घरों में रोटी के लाले पड़ जाएंगे। आरडब्ल्यू को भी इस झांसे में नहीं आना चाहिए। क्योंकि यह प्रबंधन हर जगह विफल हुआ है। जब नागरिक इनका टैक्स भर रहे हैं तो ये सुविधाएं उनसे क्यों छीनी जा रही हैं। अगर निगम प्रशासन या सरकार इस फैसले को वापिस नहीं लेती तो सीपीआईएम आने वाले समय में इसके खिलाफ बड़ा विरोध प्रदर्शन करेगी। इस मौके पर प्रीत सिंह, कामरेड राजकुमारी दहिया, विनोद, लाभ सिंह हुड्डा, अर्जुन सिंह शामिल रहे।