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भ्रष्टाचार के तीन आरोपों की जांच के लिए दस्तावेज के साथ निगम अधिकारी 14 को तलब

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पार्षदों के बीटा बूथ आवंटन, एनडीसी व प्रॉपर्टी आईडी जारी करने में भ्रष्टाचार होने के आरोपों की जांच सीटीपी (मुख्य नगर योजनाकार) 14 अक्तूबर को करेंगे। उन्होंने उप निगम आयुक्त, एटीपी, क्षेत्रीय कराधान अधिकारी व भू-अधिकारी को दस्तावेज व फाइलों के साथ तलब किया है। जांच में सहयोग के लिए तीन पार्षदों को भी बुलाया गया है।
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नगर निगम हाउस की मीटिंग 28 सितंबर को बुलाई गई थी। इस दौरान पार्षदों ने नगर निगम में भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए सदन का बहिष्कार कर दिया था। पार्षदों ने जांच की मांग को लेकर निगम में धरना दिया, जो तीसरे दिन पूर्व मंत्री, मेयर व भाजपा जिलाध्यक्ष के जांच के आश्वासन के बाद खत्म हुआ। पांच अक्तूबर को कैनाल रेस्ट हाउस में हुई मीटिंग में जांच सीटीपी केके वार्ष्णेय से कराने का फैसला हुआ। आठ अक्तूबर को सीटीपी को नगर आयुक्त ने जांच के आदेश दिए। इसके बाद सीटीपी केके वार्ष्णेय ने 14 अक्तूबर को पार्षदों के तीन आरोपों की जांच के लिए उप निगम आयुक्त हरदीप, एटीपी जितेंद्र कुमार, क्षेत्रीय कराधान अधिकारी जगदीश शर्मा और भू-अधिकारी सुरेंद्र गोयल को पार्षदों के आरोपों से संबंधित दस्तावेज और फाइलों के साथ पूर्वाह्न 11 बजे तलब किया है। उक्त अधिकारियों को पत्र जारी करते हुए कहा गया है कि जांच में शामिल नहीं होने पर कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी। इसके साथ ही डिप्टी मेयर अनिल कुमार, पार्षद सुनील कुमार और पार्षद राहुल देशवाल को जांच में सहयोग के लिए बुलाया गया है।
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इन तीन बिंदुओं पर होगी जांच
1. निगम द्वारा बीटा बूथ के आवंटन के दस्तावेज व आवंटन की प्रक्रिया की फाइल।
2. पार्षदों के आरोपों से संबंधित संपत्ति आईडी व एनडीसी के दस्तावेज।
3. गांव खेड़ी साध की अनधिकृत कॉलोनी के नक्शे, गत वर्ष में पास नक्शे व जारी की एनडीसी के दस्तावेज।
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