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निगम ने डीएलएफ में पांचवीं मंजिल तोड़ी

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डीएलएफ कॉलोनी में इमारत की पांचवीं मंजिल को तोड़ते नगर निगम के कर्मचारी। अमर उजाला
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नगर निगम ने पहली बार दो डीएसपी, पांच थाना प्रभारी समेत 100 पुलिस कर्मियों के सुरक्षा घेरे में डीएलएफ कॉलोनी में निर्माणाधीन पांचवीं मंजिल ध्वस्त की। निगम प्रशासन का कहना है कि हरियाणा बिल्डिंग कोड का उल्लंघन करने पर ऐसी 30 बिल्डिंग तोड़ी जाएंगी।
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शहर में इन दिनों कई जगह हरियाणा बिल्डिंग कोड का उल्लंघन करके निर्माण कार्य किया जा रहा है। कोई पांच-छह तो कोई सात मंजिला तक निर्माण कर रहा है। ऐसे निर्माणों की आईं शिकायतों को ठंडे बस्ते में डाला जा रहा था। उच्चाधिकारियों के सख्त आदेश पर अब निगम की टीम सक्रिय हुई है। इसके तहत शहर में 30 निर्माण ध्वस्त करने के लिए चिह्नित किए गए हैं। बुधवार को निगम ने पहली कार्रवाई डीएलएफ में पांचवीं मंजिल तोड़कर शुरू की है। ध्वस्तीकरण के दौरान विरोध की आशंका को देखते हुए निगम की टीम के साथ डीएसपी सज्जन सिंह, डीएसपी गोरखपाल के अलावा थाना प्रभारी शिवाजी नगर, सिटी थाना, पीजीआई, अर्बन एस्टेट, महम समेत करीब 100 पुलिस कर्मी पहुंचे। पुलिस ने निर्माणाधीन मकान को चारों तरफ से घेर लिया। इसके बाद निगम की टीम ने पांचवीं मंजिल की छत व निर्माण को तोड़ दिया। एटीपी जितेंद्र कुमार ने बताया कि रोजाना चिह्नित बिल्डिंग को तोड़ा जाएगा। बुधवार को डीएलएफ में पांचवीं मंजिल तोड़ने का काम देर शाम तक किया गया।
बिल्डिंग कोड के अनुसार सिर्फ चार मंजिल
हरियाणा बिल्डिंग कोड के अनुसार कोई भी निर्माण चार मंजिल से ज्यादा नहीं हो सकता है। यदि पांच मंजिल रिहायशी निर्माण है, तो पांचवीं मंजिल अवैध होगी। ग्राउंड फ्लोर पर वाहन पार्किंग होने पर रिहायशी चार मंजिल निर्माण हो सकता है। वहीं, निगम के एटीपी ने बताया कि 18 जून 2017 में हरियाणा बिल्डिंग कोड के तहत पांचवीं मंजिल का निर्माण रेगुलाइजेशन (नियमितीकरण) का आदेश आया था, मगर लागू नहीं हुआ है। इस वजह से पांच मंजिल निर्माण नहीं किया जा सकता है। एटीपी ने बताया कि निगम आयुक्त के आदेश पर चिह्नित 30 बिल्डिंगों में पांचवीं मंजिल तोड़ने की कार्रवाई की जाएगी। इसके तहत रोजाना एक बिल्डिंग को तोड़ा जाएगा।
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पड़ोस के घर दरके फिर भी नहीं रोका निर्माण
डीएलएफ में पांचवीं मंजिल निर्माण से बगल के मकान में दरारें पड़ गई हैं। लोगों ने बताया कि तीन मंजिल निर्माण के बाद चौथी मंजिल बनना शुरू हुआ तो मकानों में दरार आने लगी। शिकायत करने पर कोई सुनवाई नहीं हुई। 16 जून और 24 जुलाई को निगम में शिकायत की।
अनहोनी की आशंका से भयभीत हुए लोग
डीएलएफ कॉलोनी में दोपहर को पुलिस की एक के बाद एक गाड़ियों आईं। पुलिस अफसरों और 100 पुलिस कर्मियों ने पांच मंजिला मकान को चारों तरफ से घेर लिया। यह देख कॉलोनी के लोग अनहोनी की आशंका से भयभीत हो गए। महिलाओं व बच्चे घरों से पुलिस को देखते रहे। जब पता चला कि अवैध निर्माण तोड़ा जा रहा है, तब राहत की सांस ली।
नजदीक में भी पांचवीं मंजिल में हुआ निर्माण
डीएलएफ में जिस बिल्डिंग को तोड़ा गया, वहां से करीब 23 कदम दूरी पर एक और पांच मंजिला निर्माण है। लोगों का कहना था कि निगम को यह भी मकान तोड़ना चाहिए। कुछ लोगों ने प्रभावशाली की बिल्डिंग बताते हुए कार्रवाई नहीं होने की बात बताई। एटीपी जितेंद्र कुमार का कहना है कि सभी पांच मंजिल के निर्माण की सूची बनाई गई है और सभी पर कार्रवाई होगी।
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