रोहतक वासियों के लिए चंडीगढ़ तक का सफर एक साल बाद फिर महंगा हो गया है, क्योंकि रोहद, डीघल व मदीना के बाद मकड़ौली टोल भी चालू हो गया है। अब फास्ट टैग लगाने पर कार के एक तरफ के 140 रुपये देने होंगे, जबकि बिना फास्ट टैग दोगुनी राशि टोल प्रबंधन वसूल करेगा। अब तक फ्री में वाहन चालक गुजर रहे थे।
वाहन एक तरफ 24 घंटे में आना-जाना मासिक
नोट : टोल कंपनी के अधिकारियों का कहना है कि अगर फास्ट टैग नहीं है तो दोगुना शुल्क वसूला जाएगा। ऐसे में सभी फास्ट टैग लगवाएं।
शनिवार को आसपास के गांवों की एक पंचायत टोल पर हुई, जिसमें मुख्य तौर पर राजू मकड़ौली, धामड़ गांव के सरपंच वजीर, अशोक जसिया, उमेद सिंह रिठाल पूर्व सरपंच, निशु सरपंच जसिया, रणधीर किसान यूनियन जिला प्रधान धामड़ और 70 के करीब ग्रामीण मौजूद रहे। डीएसपी मुख्यालय सज्जन सिंह भी मौके पर पहुंचे। टोल संचालन कंपनी के अधिकारियों को भी बुलाया गया। ग्रामीणों ने 17 गांवाें की सूची टोल कंपनी को सौंपी। मांग की कि उक्त ग्रामीणों के निजी वाहनों को फ्री में निकाला जाए, जबकि कामर्शियल वाहनों के जीरो पास बनाए जाएं। साथ ही किसान यूनियन की गाड़ी से भी शुल्क न लिया जाए। कंपनी के मैनेजर ने उचित कदम उठाने का भरोसा दिया।
रिठाल, घिलौड़ कलां व खुर्द, जसिया, काहनी, सांघी, खिड़वाली, कटवाड़ा, जिंदरान, ब्राह्मणवास, बसंतपुर, धामड़, मकरौली कलां व खुर्द, चमारिया, घुसकानी व ससरौली।
ग्रामीणों ने एक लिखित पत्र सौंपा है, जिसमें टोल शुल्क माफ करने की मांग की गई है। कंपनी प्रबंधन को सूची भेज दी गई है। रविवार शाम तक निर्णय ले लिया जाएगा। - जसबीर सिंह, मैनेजर टोल कंपनी
ग्रामीणों को किलोमीटर दायरे में नहीं, बल्कि आसपास के 17 गांवों का टोल शुल्क माफ किया जाए। इसके लिए पंचायत करके गांवों की सूची टोल प्रबंधन कंपनी को सौंप दी है। - राजू मकड़ौली, किसान नेता