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ठगों के निशाने पर लोग, 24 घंटे में ऑनलाइन ठगी की चार वारदात

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रोहतक। साइबर क्राइम की वारदात थम नहीं रही हैं। 24 घंटे में जिले के अंदर चार लोगों से ऑनलाइन ठगी कर ली गई। सेक्टर एक के युवक से जहां 88 हजार ठग लिए गए, वहीं खाद्य निगम के अधिकारी से 6 लाख की ठगी की गई है। जबकि एक महिला के 60 हजार रुपये हड़प लिए गए। इसके अलावा ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर 1 लाख 30 हजार रुपये की ठगी भी की गई है। पुलिस की हर थाने में साइबर क्राइम हेल्प डेस्क भी वारदात रोकने में नाकाम साबित हो रही है।
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रिश्तेदार बनकर की 89 हजार रुपये की ठगी
पुलिस के मुताबिक सेक्टर एक निवासी कृष्ण ने दी शिकायत में बताया कि चार जनवरी को उसके पास एक कॉल आई। बोला, मैं हरिकिशन बोल रहा हूं, जो उसका रिश्तेदार है। कॉल करने वाले ने कहा कि उसे अचानक पैसों की जरूरत पड़ गई है। सहायता के नाम पर युवक ने उससे 89 हजार रुपये अपने खाते में ट्रांसफर करवा लिए। उसने रिश्तेदार से बात की तो उसने कहा कि उसने कोई पैसे नहीं मांगे। इस संबंध में अर्बन एस्टेट थाने में केस दर्ज किया गया है।
अधिकारी के खाते से निकाले 6 लाख रुपये
वहीं, भारतीय खाद्य निगम के मंडल प्रबंधक रोशनलाल ने सिविल लाइन थाने में दी शिकायत में बताया कि उसका एसबीआई में सैलरी अकाउंट हैं। किसी ने धोखाधड़ी करके उसके खाते से 5 व 6 जनवरी को छह लाख 2 हजार रुपये निकाल लिए। इतनी बड़ी राशि निकालने के बावजूद उसके पास न तो बैंक से मैसेज आया और न कोई ओटीपी पूछा गया। इस संबंध में सिविल लाइन थाने में केस दर्ज किया गया है।
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पिता का दोस्त बनकर 60 हजार ठगे
शहर के विशाल नगर की महिला सिमरन ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह छह जनवरी को घर पर थी। इसी बीच एक युवक का फोन आया। बोला, वह आपके पिता का दोस्त बोल रहा है। इसके बाद आरोपी ने उसे बातों में उलझाया और खाते से एक बार 20 हजार व दूसरी बार 40 हजार रुपये अपने अकाउंट में ट्रांसफर करवा लिए। इस संबंध में अर्बन एस्टेट थाने में केस दर्ज किया गया है।
ऑनलाइन कारोबार के नाम पर 1 लाख 30 हजार की धोखाधड़ी
वहीं, काहनौर निवासी साहिल ने कलानौर थाने में दी शिकायत में बताया कि ऑनलाइन कारोबार के नाम पर उससे 1 लाख 30 हजार रुपये की ठगी हुई है। शिकायतकर्ता का कहना है कि उसे ऑनलाइन एक कंपनी का लिंक मिला। बताया कंपनी वॉलेट रिचार्ज होने के बाद आर्डर पूरा करती है। उसे कंपनी में शामिल करने का झांसा दिया गया। उससे 1 लाख 30 हजार रुपये का निवेश करवा लिया गया। मामले की जांच पड़ताल की जाए।
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वर्जन-
साइबर सेल की मदद से लगातार ऑनलाइन धोखाधड़ी के मामलों को हल करने का प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए साइबर क्राइम थाना भी सक्रिय है।
- कृष्ण कुमार लोहचब, एएसपी
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