झंग कॉलोनी निवासी बिजनेसमैन गौरव तनेजा को अगवा कर 55 लाख की रंगदारी
मांगने के आरोपी अशोक बिरधाना को गिरफ्तार कर लिया गया है। सनसिटी से पकड़े
गए झज्जर के बिरधाना निवासी अशोक को कोर्ट ने 5 दिन के पुलिस रिमांड पर
भेजा है। पिछले कई दिनों से पुलिस को आरोपी की तलाश थी।
बता दें कि अशोक
बिरधाना गोहाना के बहुचर्चित दलित लारा हत्याकांड में भी आरोपी रहा है।
हालांकि इस मामले में उसे कोर्ट ने बरी कर दिया था। पुलिस को मामले में अब
रोहताश आसन, देवेंद्र भूखा, नीटू सुनारिया और दिल्ली के उत्तमनगर निवासी
बिट्ट गाठा की तलाश है।
हाल ही में अशोक ने गांव में सरपंच चुनाव के लिए
नामांकन किया था। गांव में पहलवान के नाम से मशहूर अशोक फिलहाल शहर में
प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करता है और शीतल नगर में रहता है। पुलिस की मानें
तो सभी आरोपी क्रिकेट मैच में सट्टा लगाने के धंधे में लिप्त हैं। इसलिए
लेनदेन को लेकर विवाद होता रहता है। पुलिस आरोपियों की जांच क्रिकेट बुकी
के तौर पर भी कर रही है।
ऐसे मोहरा बना अशोक
दरअसल, गौरव तनेजा से
आरोपी अशोक की कोई रंजिश नहीं है। वह किसी अन्य दोस्त के चक्कर में आकर
फंस गया। जांच अधिकारी पंकज कुमार ने बताया कि सुनारिया के नीटू और गौरव के
साथ करीब 55 लाख रुपये का लेनदेन था। किसी बात को लेकर दोनों के बीच अनबन
हो गई और गौरव ने नीटू के रुपये नहीं दिये। फिर नीटू ने अशोक का सहारा लेकर
गौरव को घर से अगवा करवाया और रंगदारी मांगी। इस काम के एवज में नीटू ने
अशोक व उसके साथियों को 15 लाख रुपये देने की बात कही थी।
संदीप सुनारिया और राजू लोहार ने भरी थी रंगदारी देने की हामी
एएसआई
पंकज कुमार ने बताया कि तनेजा ने चंगुल से बचने के लिए आरोपियों की संदीप
उर्फ नीटू और सोनीपत के राजू लोहार से बात करवाई थी। तनेजा के कहने पर
संदीप ने आरोपियों को 30 लाख और राजू लोहार ने 25 लाख रुपये देने की हामी
भरी थी। इसके बाद आरोपियों ने तनेजा को छोड़ा था।
14 लाख 50 हजार की रंगदारी ले चुके हैं आरोपी
पूछताछ
में अशोक ने बताया कि वह रंगदारी की 55 लाख रुपये की रकम में से करीब
साढ़े चौदह लाख रुपये ले चुका है। यह रुपये आरोपियों ने 16 नवंबर को दिल्ली
के उत्तमनगर में संदीप उर्फ नीटू के ऑफिस में जाकर लिए। हालांकि पुलिस अभी
तक इस रुपये की बरामदगी नहीं कर सकी है। रिमांड अवधि के दौरान बरामदगी की
जाएगी। अन्य आरोपियों की तलाश में भी पुलिस ने छापेमारी शुरू कर दी है।
कई मामलों में वांछित रह चुका है अशोक
पुलिस
के मुताबिक अशोक कई संगीन मामलों में वांछित रहा चुका है। हालांकि वह सभी
केसों में कोर्ट से बरी हो गया। करीब 10 साल जेल में बिताने वाला अशोक
गोहाना के दलित लारा हत्या कांड से सुर्खियों में आया था। इसके बाद कुंडू
खाप के नाहर सिंह कुंडू हत्याकांड और टिटौली के पप्पू सरपंच हत्याकांड में
भी उसका नाम सामने आया था। बाद में कोर्ट से बरी हो गया। जांच अधिकारी ने
बताया कि मामले में शामिल सभी आरोपियों की आपराधिक पृष्ठ भूमि है।
ये था मामला
दरअसल
मल्टी कमोडिटी में काम करने वाले गौरव तनेजा के घर में कार में सवार होकर
आए कुछ हथियारबंद युवक 14 नवंबर की रात को घुस गए थे। आरोपियों ने गौरव का
अपहरण किया और गाड़ी में डालकर शिवाजी कॉलोनी स्थित एक ऑफिस में ले गए।
रंगदारी की हामी भरवाने के बाद आरोपियों ने तनेजा को छोड़ दिया था। पुलिस
ने मामले में अशोक सहित रोहताश आसन, देवेंद्र भूखा, नीटू सुनारिया और
दिल्ली के उत्तमनगर निवासी बिट्ट गाठा के खिलाफ केस दर्ज किया था। बिट्टू
मूल रूप से शहर के शीतल नगर में रहता है।