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सुरक्षा: पहले से ज्यादा तेज दौड़ेंगे हरियाणा में बने बुलेट प्रूफ वाहन, टायर में गोली लगने पर भी 100 किलोमीटर चलेंगे

Thu, 16 Dec 2021 01:40 AM IST
रोहतक ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, रोहतक(हरियाणा)

सार

स्टील के मुकाबले कम वजनी पैनल वाले बुलेट प्रूफ वाहनों की रफ्तार 10 से 20 प्रतिशत तक बढ़ेगी। इससे वाहन पहले से कम समय में गंतव्य पर पहुंच सकेगा।
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बुलेट प्रूफ जैकेट की पहली खेप रवाना करते सीएमडी डॉ. संजय कुमार झा।
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विस्तार
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खेल व खेती के लिए दुनिया में अपनी खास पहचान रखने वाला हरियाणा अब बुलेट प्रूफ गाड़ियों के लिए भी जाना जाएगा। यहां सेना व पैरामिलिट्री के जवानों के लिए पहले से ज्यादा सुरक्षित व रफ्तार वाले बुलेट प्रूफ वाहन बनाए जाएंगे। यही नहीं, टायर में गोली लगने पर भी वाहन 50 से 100 किलोमीटर तक चलाया जा सकेगा।

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इस वाहन में जवान न केवल सुरक्षित रहेंगे, बल्कि पहले से तेज गति से अपने गंतव्य पर भी पहुंच सकेंगे। इसके लिए मिश्र धातु निगम लिमिटेड (मिधानी) ने रोहतक के आईएमटी में बुलेट प्रूफ जैकेट व अन्य सुरक्षा उपकरण बनाने का प्लांट लगाया है।

आईएमटी में लगे सुरक्षा उपकरण तैयार वाले प्लांट में बुलेट प्रूफ वाहन बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। इसके लिए यहां शेड का निर्माण शुरू हो गया है। अब यहां बुलेट प्रूफ जैकेट व अन्य उपकरणों के साथ वाहन भी बनाए जाएंगे। इसमें आधुनिक तकनीक का प्रयोग किया जाएगा।
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इसके लिए वाहन में स्टील के बजाय कंपोजिट पैनल प्रयोग किए जाएंगे। ये पैनल वाहन को वजनी होने से बचाएंगे। स्टील के मुकाबले कम वजनी पैनल वाले बुलेट प्रूफ वाहनों की रफ्तार भी बढ़ेगी। यह रफ्तार 10 से 20 प्रतिशत तक बढ़ेगी। इससे वाहन पहले से कम समय में गंतव्य पर पहुंच सकेगा।

वाहन के टायर होंगे खास

बुलेट प्रूफ वाहन के टायर भी खास होंगे। इनमें गोली लगने पर टायर फ्लैट होने का डर नहीं रहेगा। यह वाहन फ्लैट टायर पर भी 50 से 100 किलोमीटर दूर तक चलाया जा सकेगा। इससे वाहन व उसमें सवार लोग सुरक्षित दूसरी जगह पहुंच सकेंगे।

क्या है कंपोजिट पैनल

कंपोजिट पैनल स्टील का विकल्प है। यह पॉलीएथलीन की उच्च गुणवत्ता तकनीक है। इसमें पॉलीएथलीन मेटिरियल को तकनीकी प्रोसेस के जरिये ठोस कंपोजिट प्लेट में बदला जाता है। यह स्टील के मुकाबले काफी हलकी व मजबूत है।

कल जारी हुई पहली खेप

मिधानी से मंगलवार शाम को ही कानपुर ऑर्डिनेंस फैक्ट्री के लिए बुलेट प्रूफ जैकेट की पहली खेप रवाना हुई है। इसे खुद सीएमडी डॉ. संजय कुमार झा ने हवन व पूजन के बाद हरी झंडी दिखा कर रवाना किया है। यहां कंपनी के अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।

मिधानी सेना के लिए बुलेट प्रूफ जैकेट व अन्य उपकरण बना रही है। आईएमटी में शुरू हुआ यह प्लांट अगले महीने से बुलेट प्रूफ वाहन भी बनाएगा। ये वाहन पहले से अधिक मजबूत, सुरक्षित व कम वजनी होंगे। कम वजन के कारण इनकी रफ्तार भी बढ़ेगी। प्लांट में वाहन की 20 प्रतिशत से अधिक रफ्तार बढ़ाने पर जोर रहेगा। इसके लिए तकनीकी प्रयोग भी किए जाएंगे। इन वाहनों के टायर भी विशेष होंगे। इन पर गोली का मामूली असर होगा। - डॉ. संजय कुमार झा, सीएमडी, मिधानी।

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