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हरियाणाः जीएसटी चोरी का केस बनाने का डर दिखा मांगी घूस, चार पर एफआईआर, अधीक्षक गिरफ्तार

Mon, 17 Aug 2020 11:01 AM IST
रोहतक ब्यूरो अमर उजाला, रोहतक/पंचकूला/सोनीपत
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सांकेतिक तस्वीर
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जीएसटी चोरी के मामले में दवा कंपनी मालिक पर केस दर्ज करने का डर दिखाकर 12 लाख रुपये की रिश्वत मांगने के मामले में सीबीआई चंडीगढ़ ने चार अफसरों पर केस दर्ज किया है। चारों ने दवा कंपनी के मालिक के साथ 9 नौ लाख रुपये में सेटलमेंट की थी।
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शिकायतकर्ता ने शिकायत के साथ एक ऑडियो भी सीबीआई को सौंपा है। सेंट्रल जीएसटी के अफसरों में एक अधीक्षक को गिरफ्तार कर सीबीआई टीम ने पंचकूला में ड्यूटी मजिस्ट्रेट के सामने पेश कर चार दिन के रिमांड पर लिया है। इससे पहले सीबीआई टीम ने 15 अगस्त को आठ घंटे तक रोहतक में गिरफ्तार अधीक्षक का घर खंगाला था।

सीबीआई ने 13 अगस्त को सोनीपत के मनोज कालरा की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की थी। मनोज के अनुसार राई इंडस्ट्री एरिया में उसकी रिसर्च मेडिसन प्राइवेट लिमिटेड नाम की दवा कंपनी है। 6 अगस्त सुबह 11:00 बजे कंपनी कर्मचारी राजीव राय ने फोन कर बताया कि रोहतक सेंट्रल जीएसटी डिपार्टमेंट से टीम जांच के लिए आई है।
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वह मौके पर पहुंचा तो सीजीएसटी के अधीक्षक गुरविंद्र सिंह सोहल, अधीक्षक कुलदीप हुड्डा, इंस्पेक्टर रोहित मलिक और इंस्पेक्टर प्रदीप कार्यालय में बैठे मिले। अधीक्षक कुलदीप हुड्डा ने कहा कि आपकी कंपनी ने जीएसटी 12 प्रतिशत के हिसाब से जमा करवाई है, सरकार के अनुसार आपकी जीएसटी 18 प्रतिशत बनती है। ऐसे में आपके खिलाफ जुर्माना लगेगा।

कड़क अफसर हैं, पैसे नहीं दिए तो सख्त कार्रवाई करेंगे

शिकायतकर्ता मनोज ने आरोप लगाया कि उसने अधिकारियों से जीएसटी से जुड़े कई दस्तावेज दिखाए, लेकिन वे नहीं माने। अफसरों ने उन पर दबाव बनाया। अधीक्षक कुलदीप हुड्डा ने उसे मामला सेटल करने की बात कही और 12 लाख रुपये घूस मांगी। अन्य सभी ने कहा कि गुरविंदर सिंह सोहल बहुत कड़क अधिकारी हैं, अगर पैसे नहीं दिए तो सख्त कार्रवाई करेंगे। उसने इतने पैसे नहीं दे पाने में असमर्थता जताई तो टीम ने मोल भाव शुरू हुआ। इस दौरान उनके बीच चार लाख पहले और 5 लाख रुपये बाद में देने की बात तय हुई।

ये है ऑडियो क्लिप में
कोडवर्ड में बोले : सामान तीन किलो निकला है
कालरा का आरोप है कि उसने बैंक से चार लाख रुपये निकलवाए, लेकिन अफसरों को सिर्फ तीन लाख दिए। इस दौरान किसी ने रुपये नहीं गिने। बाकी रकम रोहतक जीएसटी दफ्तर में आकर देने को कहा। कालरा ने एक ऑडियो क्लिप सीबीआई को सौंपी है। इसका जिक्र उसने सीबीआई को दी शिकायत में भी किया है।

आरोप है कि 6 अगस्त रात 10:30 बजे अधीक्षक गुरविंदर सिंह सोहल का फोन आया। कोड वर्ड में बात करने लगे। बोले - सर वो सामान तीन किलो ही निकला है। इस पर मनोज ने कहा कि तीन लाख ही डाले थे, मैं मिलता हूं मंगलवार को। आवाज ठीक से न आने की वजह से फोन कट गया। इसके बाद मनोज कालरा ने सीबीआई को शिकायत दी। सीबीआई चंडीगढ़ ने 15 अगस्त की सुबह रोहतक के सेक्टर तीन स्थित सीजीएसटी रोहतक के अधीक्षक कुलदीप हुड्डा के घर पर छापा मारा।
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मोबाइल सर्विलांस से पकड़ा

सीबीआई ने मोबाइल सर्विलांस के आधार पर रोहतक में छापे मारे। जहां से सुपरिंटेंडेंट कुलदीप हुड्डा को पकड़ा और उसके घर छानबीन करने पर लाखों रुपये की नकदी और सोने के जेवर बरामद किए हैं। रोहतक में एक इंस्पेक्टर के घर और दिल्ली के पश्चिम विहार में छापे मारे गए। जांच के लिए सीबीआई की चार टीमें लगी थीं। सीबीआई अपने साथ गाड़ी, रुपये, जेवर, वीडियो व ऑडियो रिकार्डिंग चंडीगढ़ ले गई है।

आठ घंटे खंगाला घर
सीबीआई ने सीबीआई चंडीगढ़ की टीम ने 15 अगस्त को रोहतक में आठ घंटे तक आरोपी अधिकारी कुलदीप हुड्डा का घर खंगाला। सीबाआई ने जीएसटी सेंट्रल रोहतक के अधीक्षक गुरविंद्र सिंह सोहल, कुलदीप हुड्डा, इंस्पेक्टर रोहित मलिक व प्रदीप के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7 व 120बी के तहत मामला दर्ज किया है।

मेरे बेटे पर जीएसटी के नाम पर लगाए रिश्वत लेने के आरोप निराधार हैं। वह अपने ड्यूटी कर रहा था। उसे फंसाया गया है। घर से मिले 65 लाख रुपये जमीन का सौदा तय करने की एवज में रखे गए थे। बेटे पर दर्ज हुई एफआईआर का अध्ययन कर रहे हैं। इसके बाद कानूनी राय देकर आगामी प्रक्रिया की जाएगी। अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी।
- सतबीर सिंह हुड्डा, अध्यक्ष, दो जमा पांच मुद्दा जन आंदोलन
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