राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय से मिलते ब्राह्मण समाज के लोग। अमर उजाला
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रोहतक। पहरावर गांव में जमीन के विवाद को लेकर ब्राह्मण समाज व नगर निगम प्रशासन आमने-सामने आ गए हैं। ब्राह्मण समाज द्वारा जमीन पर हवन के बाद एक दिन पहले निगम ने दोबारा अपना बोर्ड लगा दिया। बदले हालात में ब्राह्मण समाज का एक प्रतिनिधिमंडल वीरवार को सुपवा में सूर्य कवि दादा लख्मीचंद की प्रतिमा का राज्यपाल द्वारा अनावरण के मौके पर सांसद डॉक्टर अरविंद शर्मा व पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर से मिला। कहा कि समाज व संस्था बकाया 11 लाख लीज फीस जमा कराने को तैयार हैं।
दूसरी तरफ नगर निगम का तर्क है कि समय पर लीज फीस जमा न होने के कारण समझौता रद्द हो चुका है। अब सरकार ही मामले में कोई निर्णय ले सकती है। सांसद व पूर्व मंत्री से मिलकर ब्राह्मण समाज का प्रतिनिधिमंडल अमर उजाला कार्यालय पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि ब्राह्मण समाज की भाजपा सरकार बनाने में अहम भूमिका रही है।
दूसरा, पहरावर, मायना व शिमली सहित आसपास के क्षेत्र में कोई बड़ा शैक्षणिक संस्थान नहीं है। अगर सरकार पंचायत द्वारा दी गई 15 एकड़ 3 कैनाल जमीन व बीचोंबीच स्थित 2 एकड़ जमीन संस्था को देती है तो यहां मेडिकल या इंजीनियरिंग कॉलेज खुलेगा, जिससे हर वर्ग को फायदा होगा। दूसरा, 2009 में पंचायत ने जमीन गौड़ ब्राह्मण प्रचारिणी सभा को 33 साल के पट्टे पर दी। इसके लिए विधानसभा में प्रस्ताव पास हुआ। प्रस्ताव में यह भी बताया गया था कि 33 साल के बाद दोनों पक्षों की सहमति से पट्टे की सीमा बढ़ाई जा सकती है। 2014 तक हर साल की लीज फीस जमा करवाई गई। इसके बाद गौड़ संस्था में प्रशासक नियुक्त हो गया, जो सरकार का ही प्रतिनिधि होता है। ऐसे में समय पर लीज फीस जमा करवाना प्रशासक के माध्यम से सरकार की भी नैतिक जिम्मेदारी थी। ऐसे में सरकार उचित फैसला ले। सांसद व पूर्व मंत्री से मिलने वालों में सुरेश पंडित, नरेश गौड़, ईश्वर भारद्वाज, सत्यनारायण कौशिक, नरेश वत्स, पूर्व सरपंच प्रवीण कौशिक, बलबीर गौड़, तरुण कौशिक व धर्मबीर शर्मा सहित अन्य शामिल रहे।
वर्जन
समय पर फीस जमा न होने के कारण लीज एग्रीमेंट रद्द हो गया है। जमीन नगर निगम की है। इसके लिए दोबारा नगर निगम ने जमीन पर अपना बोर्ड लगा दिया है। ऐसे में अब सरकार ही अपने स्तर पर कोई निर्णय ले सकती है।
- सुरेंद्र गोयल, भू अधिकारी नगर निगम