देश की 54 किलो भार वर्ग की बॉक्सर शिक्षा नरवाल के सवालों में भारतीय बॉक्सिंग संघ घिर गया है। वहीं, नेशनल चैंपियन का विश्व चैंपियनशिप बनने का सपना अब चकनाचूर होता दिखाई दे रहा है। लेकिन यह भी स्पष्ट हो गया है कि छेड़छाड़ के साथ खेल जगत में बेटियां राजनीति का शिकार हो रही हैं।
शिक्षा नरवाल का आरोप है कि उन्हें क्यों विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप में नहीं भेजा जा रहा है। दूसरे भार वर्ग में भी नेशनल चैंपियन को भेजा जा रहा है, जबकि वह भी नेशनल चैंपियन हैं। जिसे उनकी जगह बिना ट्रायल भेजा जा रहा है, उसे नेशनल चैंपियनशिप में चार-एक से हरा चुकी हूं। उन्होंने इस संबंध में भारतीय बॉक्सिंग संघ के अध्यक्ष को चिट्ठी भी लिखी है।
रुड़की की बॉक्सर शिक्षा नरवाल ने भारतीय बॉक्सिंग संघ पर भेदभाव का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2022 में भोपाल में हुई राष्ट्रीय चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता है। वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप होने वाली है। इसमें उनकी दावेदारी थी। इसमें उनका पहला रैंक हटाकर तीसरे रैंक की बॉक्सर को भेजा जा रहा है।
उसका चयन बिना ट्रायल किया गया है। यह नौ महिला बॉक्सर राष्ट्रीय प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतने वाली हैं। इनका विश्व चैंपियनशिप के लिए सीधा चयन किया गया है, जबकि दो भार वर्ग में कॉमनवेल्थ पदक विजेताओं को चुना गया है। यह गलत है।
बिना किसी कारण हटाया गया मेरा नाम
चैंपियनशिप के लिए वह लगातार अभ्यासरत हैं। शिविर से भी छुट्टी भी नहीं ली। स्वास्थ्य ठीक है। चोट भी नहीं लगी है। इसके बावजूद उनका नाम बिना किसी कारण हटा दिया गया है। शिविर 20 जनवरी को शुरू हुआ। विवि चैंपियनशिप पंजीकरण के लिए 10 फरवरी तक सूची बनाई गई। इसमें उनकी रैंकिंग दो नंबर पर कर दी गई। यही नहीं, तीसरे नंबर वाली बॉक्सर का रैंक एक कर दिया गया।
ऐसा क्यों और किस कारण से किन नियमों के तहत किया गया है, यह कोई नहीं बता रहा है। प्रतिभा के हिसाब से उन्हें चैंपियनशिप में हिस्सा लेने का मौका दिया जाए। चैंपियनशिप में पदक जीतकर बॉक्सिंग फेडरेशन और भारत का नाम रोशन कर सकूं।