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बासमती ने खिलाए किसानों के चेहरे

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नई अनाज मंडी में पड़ा धान। संवाद
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बासमती ने इस बार किसानों के चेहरे खिला दिए हैं। बासमती की खरीद अभी शुरू ही हुई है और इसके रेट काफी अच्छे चल रहे हैं। पिछले साल की तुलना में बासमती के रेट 900 रुपये प्रति क्विंटल तक ज्यादा हैं। अभी रेट और बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।
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जिले में बासमती की चार प्रमुख किस्में लगाई जाती हैं। इनमें 1121, 1718, 1509 और शरबती शामिल हैं। इस बार 1121 के रेट 3700 रुपये प्रति क्विंटल तक चल रहे हैं, जबकि पिछले साल इस किस्म के अधिकतम रेट 2800 रुपये प्रति क्विंटल तक गए थे। इस बार बासमती 1718 के रेट 3400 रुपये प्रति क्विंटल से ज्यादा चल रहे हैं, जबकि पिछले साल इसके रेट अधिकतम 3100 रुपये प्रति क्विंटल तक गए थे। इसी तरह बासमती 1509 इस बार 3100 रुपये प्रति क्विंटल में बिक रहा है। जबकि, पिछले साल यही किस्म अधिकतम 1700-1800 रुपये तक बिकी थी। शरबती की रेट इस साल 2600 रुपये प्रति क्विंटल चल रहे हैं। जबकि, पिछले साल इस वैराइटी के रेट भी 1700-1800 रुपये प्रति क्विंटल तक ही रह गए थे। बासमती की एक और वैराइटी 30 नंबर के रेट तो 3800-3900 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गए हैं। करनाल और तरावड़ी के निर्यातक लगातार नई अनाज मंडी में खरीद कर रहे हैं। आढ़ती एसोसिएशन के जिला प्रधान हर्ष गिरधर का मानना है कि निर्यातकों के पास पिछले साल का कैरी फारवर्ड स्टॉक नहीं था। इसी लिए पहले दिन से ही बासमती के रेट अच्छे चल रहे हैं। अगर निर्यातकों के पास बासमती पड़ा होता तो शुरूआत में रेट इतने ज्यादा नहीं होते। गिरधर को एक और वजह यह लगती है कि इस बार बासमती की फसल बारिश और जलभराव से काफी खराब हुई थी। मंडी में फसल की आवक कम होने के कारण भी रेट बढ़ सकते हैं। वहीं, मार्केट कमेटी के अधिकारियों का मानना है कि इस बार बड़ी संख्या में किसानों ने बासमती छोड़ कर पीआर धान लगाया। इसलिए बासमती की आवक कम है और मांग ज्यादा। इस वजह से रेट बढ़े हैं।
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