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जीवन के अंतिम पड़ाव पर जिगर के टुकड़े ही नहीं दे रहे सहारा

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जीवन के अंतिम पड़ाव पर पहुंच चुके बुजुर्ग माता-पिता को जिगर के टुकड़े ही बेसहारा करने पर आमादा हैं। संपत्ति के लिए जिगर के टुकड़े ही बुजुर्ग माता-पिता का उत्पीड़न कर रहे हैं। कोई बुजुर्ग खुद के बनवाए आशियाने में रहने को तरस रहा है तो कोई पेट भरने के लिए इधर-उधर, भटक रहा है। वहीं, संपत्ति संतान के नाम नहीं करने पर बुजुर्ग को खून के आंसू रुलाया जा रहा है। जुलाई माह में ऐसे 29 मामले सामने आए हैं। इनमें से तीन को प्रशासन से राहत मिल गई है। अन्य फरियादी बुजुर्गों को जल्द ही राहत मिलने की उम्मीद है।
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बुजुर्गों के उत्पीड़न के मामलों में सरकार की हिदायत पर प्रशासन प्राथमिकता से सुनवाई करके फरियादियों की समस्या का समाधान कर रहा है। हैरानी तो यह है कि जिस रफ्तार से मामलों को निपटाया जा रहा है, उससे ज्यादा रफ्तार से फरियाद आ रहे हैं। जुलाई माह में शहर से करीब 29 बुजुर्गों ने संपत्ति की वजह से संतान से मिल रहे उत्पीड़न से संबंधित फरियाद की गुहार लगाई है। जिनकी प्रशासन रोजाना सुनवाई करके निपटाने में जुटा है।
बेटे ने मकान कब्जाने के लिए लगा दिया है ताला
कलानौर के बुजुर्ग ने बताया कि उसके तीन पुत्र व दो बेटियां हैं। पत्नी का निधन होने पर संतान में संपत्ति बांट दी। अपने लिए एक मकान रखा ताकि उसमें रह सके। अब उसके बेटे ने मकान कब्जाने के लिए ताला लगा दिया है, जिसकी वजह से उसके सामने रहने का संकट पैदा हो गया है। फरियाद लगाई है कि जीवनयापन के लिए ताला खुलवाया जाए।
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वृद्धा से मारपीट करते हैं बेटा-बहू
काठ मंडी निवासी वृद्धा ने बताया कि उसके पुत्र व उसकी बहू ने जबरन कमान कब्जा लिया है। दोनों आए दिन मारपीट करके प्रताड़ित करते हैं। दोनों चाहते हैं कि वह परेशान होकर घर छोड़कर चली जाए। यही नहीं, उसके सामने भरपेट भोजन का भी संकट बना हुआ है। पीड़ित वृद्धा ने प्रशासन से बेटा व उसकी बहू के उत्पीड़न से राहत की फरियाद लगाई है।
शारीरिक और मानसिक रूप से किया जा रहा प्रताड़ित
रूप नगर निवासी एक वृद्ध ने संतान पर मारपीट करके प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। पीड़ित का कहना है कि उसकी संतान संपत्ति कब्जाना चाहती है। मन की इच्छा पूरी नहीं होने की वजह से उसे शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। पीड़ित वृद्ध ने प्रशासन से राहत दिलाने की फरियाद लगाई है।
सीनियर सिटीजन की समस्याओं का निस्तारण करने को लेकर शासन के निर्देश पर प्रशासन काफी संजीदा है। हर शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जांच करके निस्तारण किया जा रहा है। शहर में बुजुर्गों के उत्पीड़न के मामलों में बढ़ोतरी हुई है। अधिकतर मामले संपत्ति कब्जाने को लेकर उत्पीड़न के हैं।
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-राकेश सैनी, एसडीएम रोहतक
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