फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एक्यूआई @ 384, उम्मीदें टिकीं सिर्फ बारिश पर

विज्ञापन
शीला बाईपास चौक के पास निर्माणाधीन पुल के पास उड़ती धूल। अमर उजाला
विज्ञापन
शहर की हवा लगातार प्रदूषित हो रही है, एयर क्वालिटी इंडेक्स 384 पहुंच चुकी है व औसत 342 रहा। पीएम 2.5 भी 271 दर्ज किया गया। इसके बावजूद निजी-सरकारी निर्माण कार्य धड़ल्ले से जारी हैं। कुछ निजी प्रोजेक्टों पर तो नियमों का पालना हो रहा है, लेकिन सरकारी प्रोजेक्ट बेरोकटोक चल रहे हैं। निर्माण कार्य, आरएमसी, हॉट मिक्स प्लांट व डीजल जेनरेटर पूर्व की तरह चल रहे हैं। अब उम्मीदें सिर्फ बारिश पर आ टिकीं हैं।
विज्ञापन

दिशा-निर्देशों की बेखौफ धज्जियां उड़ाई जा रही
अफसरों की ढिलाई के कारण शहर में एनजीटी (नेशनल ग्रीन ट्रिब्युनल) के सख्त दिशा-निर्देशों की बेखौफ धज्जियां उड़ाई जा रही है। शहर में कच्चा बेरी रेलवे क्रॉसिंग पर फ्लाईओवर, शीला बाईपास पर फ्लाईओवर, बोहर नहर पर स्टील ब्रिज बनाया जा रहा है। मगर कहीं भी धूल को रोकने के इंतजाम नहीं किए गए हैं। धूल उड़ने से रोकने के लिए पानी की भी बौछार नहीं की जा रही है। दिल्ली रोड पूरी उखड़ी पड़ी है, जिससे वाहनों के रफ्तार में गुजरने से धूल के गुबार उड़ते रहते हैं। पीजीआई में भी गेट का निर्माण किया जा रहा है। नजदीक में निर्माण सामग्री पड़ी हुई है, मगर कोई इंतजाम नहीं। शहर की कॉलोनियों में निजी निर्माण हो रहे हैं। कुछ ने इंतजाम किए हैं और अधिकांश बेखौफ है। जिसकी वजह से धूल उड़ती रहती है।
यदि कोई विभाग निर्माण कार्य करवाता है, तो नियमों का पालन नहीं करने पर संबंधित विभाग के अफसर को ही कार्रवाई करने का अधिकार है। बीएंडआर को फ्लाईओवर के निर्माण व सड़क निर्माण के दौरान नियमों का पालन कराना चाहिए। निगम सिर्फ निजी निर्माण कराने वालों पर ही कार्रवाई कर सकता है। इसके तहत एक माह में 52 लोगों पर जुर्माना लगाया गया है।
विज्ञापन

- जितेंद्र कुमार, एटीपी, नगर निगम
अभी ऐसे रहेंगे हालात
हवा में मौजूद धूल कण के कारण दमा व सांस रोगियों का सांस लेना भी मुश्किल हो चुका है। यही वजह है कि इन दिनों अस्पतालों में सांस के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। इन मरीजों को जल्द राहत मिलती नजर नहीं आ रही है। जिले में शनिवार को अधिकतम तापमान 26.5 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तापमान 11.6 डिग्री सेल्सियस रहा। आने वाले दो-तीन दिन तापमान में यही स्थिति बनी रहने की संभावना है। एचएयू के कृषि एवं मौसम विज्ञान विभाग के अध्यक्ष डॉ. एमएल खीचड़ ने बताया कि मौसम खुश्क बना हुआ है। अभी इसमें बदलाव की संभावना नहीं है। जल्दी बारिश की संभावना नहीं है।
प्रदूषण कई दिनों से परेशानी का कारण बना हुआ है। वाहनों का धुआं, भवन निर्माण कार्य व अन्य कारणों के चलते यह स्थिति बनी हुई है। बारिश आने पर इससे राहत मिलेगी। बारिश आने तक प्रदूषण के कारणों को रोकना जरूरी है। लंबे समय तक यह स्थिति बने रहना सांस रोगियों की संख्या बढ़ाने वाली साबित होगी।
- प्रो. राजेश धनखड़, अध्यक्ष, पर्यावरण विज्ञान विभाग, एमडीयू
बच्चों, बुजुर्गों व गर्भवती महिलाओं के लिए सुबह-शाम बगैर मास्क बाहर घूमना सही नहीं है। सर्द हवाओं के चलते इन दिनों प्रदूषण जमीनी स्तर पर अधिक होता है। हवा में धूल, धुएं के कण सांस रोगियों के अलावा सामान्य व्यक्ति के लिए हानिकारक साबित होते हैं। जरूरी है कि प्रदूषण से बचने के लिए मास्क का प्रयोग करें, यह कोरोना से भी बचाएगा। बारिश होने के बाद ही प्रदूषण से राहत मिलेगी। खुले में निर्माण कार्यों पर प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए।
विज्ञापन

- डॉ. एचके अग्रवाल, रजिस्ट्रार एवं सीनियर फिजिशियन, पीजीआईएमएस
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें